Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

शराब पीने का था आदी, तीन माह से बंद था काम
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

आज सुबह ताजपुर में कुए से एक अधेड़ की लाश बरामद की गई है। मृतक शराब पीने का आदी था। पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर शव बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया है। गुरुवार को केडी पैलेस पर भी एक मजदूर की डूबने से मौत हुई थी।
पंवासा थाना प्रभारी मुनेन्द्र गौतम ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम ताजपुर पहुंची थी जहां कुए में एक अधेड़ व्यक्ति का शव पड़ा हुआ था। ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकालने के बाद मृतक की शिनाख्त मोहम्मद शाकिर पिता वली मोहम्मद 48 वर्ष निवासी मुल्तानीपुरा ताजपुर के रूप में हुई है। परिजन भी मौके पर पहुंचे थे जिन्होंने बताया कि शाकिर ड्रायवरी का काम करता था लेकिन दो माह से लगे कोरोना कफ्र्यू के चलते काम पर नहीं जा रहा था। वह शराब पीने का आदी था। रातभर से घर भी नहीं लौटा था। थाना प्रभारी के अनुसार कुए में उतरने के लिए सीढिय़ां बनी हुई हैं। संभावना है कि नशे की हालत में कुए में उतरते समय डूबने से उसकी मौत हुई है। सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा।
सूर्य मंदिर जीर्णोद्धार के लिए आया था
गुरुवार दोपहर केडी पैलेस बावन कुण्ड घाट पर एक व्यक्ति की डूबने से मौत होने का मामला सामने आया था। भैरवगढ़ थाना पुलिस के अनुसार मृतक विशाल पिता मधुकर 34 वर्ष निवासी भोपाल का रहने वाला था और पिछले दिनों वह केडी पैलेस पर चल रहे सूर्य मंदिर जीर्णोद्धार के कार्य के लिए अपने साथियों के साथ आया हुआ था। गुरुवार को अमावस्या होने पर काम बंद था जिसके चलते वह नहाने के लिए बावन कुण्ड पहुंचा था। मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
मस्जिद के इमाम की मौत
आज सुबह ट्रेन से सफर कर रहे मस्जिद के इमाम की मौत होने पर जीआरपी ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया है। जानकारी के मुताबिक शेख रफीक पिता नसीरूद्दीन भुवनेश्वर उड़ीसा का रहने वाला था और महिदपुर स्थित मस्जिद में इमाम था। कुछ दिन पहले वह अपने परिवार से मिलने के लिए उड़ीसा गया था जहां से ट्रेन में सवार होकर लौट रहा था। इस दौरान रास्ते में पेट दर्द होने पर उसने महिदपुर के रहने वाले अब्दुल को फोन लगाकर जानकारी दी थी। अब्दुल महिदपुर से उज्जैन ट्रेन के आने से पहले पहुंच गया था। जब इमाम को ट्रेन से उतारा गया तो उसकी मौत हो चुकी थी।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!