Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

नईदिल्ली। आज दुनिया भर में 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने देश को योग से सहयोग तक का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आज जब पूरा विश्व कोरोना का मुकाबला कर रहा है, तो योग उम्मीद की किरण बना हुआ है। दो साल से विश्व के बड़े देशों में भले ही कोई बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुआ हो, लेकिन योग के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है। इस बार की थीम योगा फॉर वेल्नेस ने लोगों में योग के प्रति लगाव को और भी बढ़ाया है।
उन्होंने कहा, हमारे ऋषि मुनियों ने कहा था कि सुख-दुख में समान भाव रखें। उन्होंने संयम को योग का पैरामीटर बनाया था। आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी का मुकाबला कर रहा है, तो योग उम्मीद की एक किरण बना हुआ है। आज वैश्विक महामारी ने इसे साबित कर दिखाया है। भारत समेत कितने ही देशों ने महामारी के बड़े संकट का सामना किया है। दुनिया के बड़े देशों के लिए योग दिवस उनका सांस्कृतिक पर्व नहीं है, फिर भी वे सब इसका अनुसरण कर रहे हैं। इस मुश्किल समय में योग के प्रति लोगों का लगाव बढ़ा है। योग हमारे लिए सुरक्षा कवच का काम कर रहा है। योग का पहला पर्याय संयम और अनुशासन को कहा गया है। उसे लोग अपने जीवन में उतारने का प्रयास भी कर रहे हैं। कोरोना के अदृश्य वायरस ने जब दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश मानसिक रूप से तैयार नहीं था। ऐसे में योग आत्मबल का बड़ा माध्यम बना। योग ने लोगों में भरोसा बढ़ाया कि हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं। जब मैं फ्रंट लाइन वर्कर से बात करता हूं, तो वे बताते हैं कि उन्होंने कोरोना से लड़ाई में योग को भी शामिल किया। अस्पतालों से तस्वीरें आती हैं, जहां मरीज योग कर रहे हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!