Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिन में डेढ़ लाख लोगों को टीका लगाने का रिकॉर्ड बनाने का दावा कर शासन-प्रशासन ने इसका उत्सव मनाया, लेकिन इस दावे की अब पोल खुलनी शुरू हो गई है। भोपाल में 13 साल के बच्चे का भी वैक्सीनेशन कर दिया गया, वह भी कागजों पर। इतना ही नहीं, इस मामले में बच्चे के पिता के मोबाइल पर बकायदा इसका मैसेज भी आया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला तो यह है कि जिस व्यक्ति की मौत 3 साल पहले हो चुकी है, प्रशासन ने उसका भी वैक्सीनेशन कर दिया। वहीं एक महिला को बिना टीका लगवाए ही वैक्सीन लगने का मैसेज मिल गया। इतना ही नहीं, महिला को मिले प्रमाण-पत्र में पेंशन के दस्तावेज का जिक्र है, जबकि उन्हें पेंशन मिलती ही नहीं।
टीला जमालपुरा की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले वेदांत डांगरे दिव्यांग हैं। उनकी उम्र अभी 13 साल भी पूरी नहीं हुई है। पिता रजत डांगरे के मोबाइल फोन पर 21 जून को बेटे वेदांत को कोवैक्सीन लगने का मैसेज आ गया। जब सर्टिफिकेट डाउनलोड किया तो वे हैरान रह गए कि उनके बेटे की उम्र 18 साल भी नहीं है, लेकिन प्रमाणपत्र में आयु 56 साल दर्शाई गई है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि वेदांत वार्ड-13 में रहते हैं और प्रमाण-पत्र पर टीकाकरण का स्थान वार्ड-53 लिखा है। पिता ने मामले की शिकायत 181 पर की तो जवाब मिला कि वे संबंधित वैक्सीन सेंटर पर जाकर गलती सुधरवा सकते हैं. पिता रजत ने बताया कि बेटे के आधार नंबर और बैंक अकाउंट से उनका मोबाइल नंबर ही रजिस्टर्ड है।
पति का 3 साल पहले हुआ निधन, फिर भी वैक्सीन लगने का आया मैसेज
पुराने शहर के नूरमहल क्षेत्र की निवासी मुबीन बानो (70) के मोबाइल पर पति मो. शरीफ के नाम वैक्सीनेशन का एसएमएस आया, जिसमें 23 जून की शाम 5.48 बजे मो. शरीफ को कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जाना बताया है, जबकि उनका इंतकाल 3 साल पहले हो चुका है। तभी से उनका मोबाइल बानो के पास है. वैक्सीन लगने का एसएमएस आने पर पहले तो वे चौंक गईं, लेकिन फिर उन्हें लगा कि हो सकता है कि किसी ने शरारत की हो।