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सुबह बूंदाबांदी के बाद मौसम ने बदली करवट

माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
बंगाल की खाड़ी उठे सिस्टम की आहट शहर में दिखाई देने लगी है। शनिवार शाम से ही उम्मीदों के बादल छा गए थे। देर शाम के बाद सुबह हुई बूंदाबांदी से मौसम की बदली हुई करवट नजर आ रही है। बस इंतजार है तो झमाझम बारिश का।
जुलाई माह का प्रथम सप्ताह बिना बारिश के गुजर गया है। गर्मी और उमस से लोग परेशान है वही खेतों से बाहर निकली सोयाबीन की फसल देख किसान चिंता में है। इस बीच मानसून के सक्रिय होने की 2 दिनों से बात मौसम विभाग कह रहा है। बीती शाम से उम्मीद जागी और कुछ देर शहर के आधे हिस्से में तेज बारिश से मौसम पूरी तरह से बदल गया। आज सुबह से भी सूर्य देव बादलों में छुपे हुए थे कुछ देर हुई बारिश ने झमाझम की उम्मीद जगा दी थी। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहा था हर किसी की नजरें आसमान में छा रहे बादलों की ओर उठती दिखाई दे रही थी। अवकाश का दिन रविवार होने पर लोग सुहाने मौसम में घूमने के लिए घरों से बाहर भी निकल चुके थे। रात से ही उमस और गर्मी कम हो गई थी सुबह का माहौल ठंडा महसूस किया जा रहा था। मौसम विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी से उठा सिस्टम पश्चिमी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता दिखाई दे रही है। जीवाजीराव वेधशाला अधीक्षक राजेंद्र कुमार गुप्त के अनुसार शहर में भी अब मानसून की दस्तक होने जा रही है जिसका आगाज शनिवार शाम हुई बूंदाबांदी के साथ हो चुका है। पूरे मालवा क्षेत्र को मानसून जल्द ही तरबतर कर देगा। आज दोपहर बाद झमाझम का नजारा देखा जा सकता है।
किसानों का खेतों की ओर रुख
जून माह में हुई बारिश के बाद किसानों ने खेतों में सोयाबीन की बोवनी कर दी थी। मौसम विभाग ने दावा कर दिया था कि एक बार अच्छी बारिश होगी लेकिन हर बार की तरह मानसून रूठ कर चला गया था जिसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गई थी। 20 दिनों पहले तक खेतों में किसानों की चहलकदमी दिखाई दे रही थी मानसून नहीं आने पर हलचल कम हो गई थी लेकिन बीती शाम जागी उम्मीद के बाद किसानों ने एक बार फिर खेतों का रुख कर लिया है। बाजार में भी आसमान में उठाई काली घटा के बाद व्यवसाय की उम्मीद जागी हुई दिखाई दे रही है। बारिश से बचने के लिए रेनकोट, छाते और बरसात में पहने जाने वाले बरसाती जूते चप्पल का स्टॉप अनलॉक प्रक्रिया शुरू होते ही कारोबारियों ने कर लिया था लेकिन कई कारोबारी अब तक सीजन की ग्राहकी शुरू नहीं कर पाए हैं मौसम विभाग की बातों और आसमान की घटा देखकर वह भी अच्छे व्यवसाय की उम्मीद करने लगे हैं।

बारिश से दूर होगा जल संकट

मानसून की देरी के चलते शहर में जल संकट गहराता दिखाई देने लगा है। सूख चुके गंभीर डेम के बाद शहर में 2 दिन छोड़कर जल प्रदाय शुरू कर दिया गया है वह भी अब 4 दिनों का ही नजर आ रहा है अगर अब बारिश नहीं हुई तो शहर वासियों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा। हर कोई इंद्र देवता यही प्रार्थना कर रहा है कि जल्द से जल्द बरस जाओ। गंभीर डेम में सप्लाई करने के लिए स्टोरेज पानी भी अब खत्म होने की कगार पर है। बारिश से ही हर किसी की उम्मीद जुड़ी हुई है। जिसके शुरू होते ही जल संकट से लेकर किसानों और कारोबारियों के साथ शहर वासियों से जुड़ी सभी चिंताएं दूर हो जाएगी।