Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

थांदला से मनीष अहिरवार

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मीडिया की पहल रंग लाई, कालोनाइजर को लाभ पहुचाने हो रहा था जनधन का दुरुपयोग

थांदला। स्थानीय नगर पंचायत परिषद द्वारा कालोनाइजरों, भूमाफियाओं व अन्य भूमिस्वामियों को लाभ पहुचाने के लिए जनधन का दुरुपयोग करते हुए अनेक अवैध निर्माण कार्य योजनाबद्ध रुप से किये गए वही किये जा रहे थे । इन कार्यो पर रोक लगाए जाने के लिए जनहित व शासनहित में स्तानीय नगर पत्रकार समिति द्वारा आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखित आवेदन के माध्यम से जिला कलेक्टर शोमेस मिश्रा के संज्ञान में लाने पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने मीडिया की बातों को गंभीरता से लिया व थांदला एसडीएम को प्रकरण की जांच व कार्यवाही के निर्देश दिए । एसडीएम सुश्री ज्योति परस्ते ने बुधवार 28 जुलाई को मीडिया से विस्तृत चर्चा कर मामले को गंभीर मानते हुए स्थगन आदेश जारी कर निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिए ।

कालोनाइजर को लाभ पहुचाने किया जा रहा था निर्माण

थांदला नगर के बाहर कुशलगढ़ रोड़ पर केशव उद्यान के पीछे के भाग में एक निजी कालोनी डेवलप हो रही है जिसके लिए उद्यान के आगे के भाग से कालोनी को रास्ता देने के लिए 35 लाख की लागत के दो सीसी रोड निर्माण तथा 35 लाख की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण नगर परिषद करने जा रही थी । निर्माण वाले क्षेत्र में किसी प्रकार की बस्ती आबादी भी नही होने से उक्त निर्माण से नगर की जनता को किसी प्रकार का लाभ नही होकर केवल कालोनाइजर को लाभ होना है । इसी तरह नगर के वार्ड 3 व 4 में भी करीब 30 लाख की लागत से 400 मिटर की सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा था जहां किसी प्रकार की आबादी न होकर एक निजी कालोनी व उस मार्ग के अनेक भूस्वामियों को लाभ पहुचाने के लिए जनधन का दुरुपयोग किया जा रहा था ।

मीडिया ने उठाई आपत्ति

नगर के जागरूक पत्रकारों को परिषद की योजना के कार्यो की जानकारी मिलने के बाद जब आपत्ति दर्ज करवाई गई तो मुख्य नगरपालिका अधिकारी व परिषद अध्यक्ष सन्तोषप्रद जवाब न दे पाए व निर्माण चालू कर दिया गया । मीडिया द्वारा कलेक्टर को शिकायत करने पर केशव उद्यान की जांच में यह साबित हो गया कि उक्त निर्माण से जनता को कोई लाभ नही है इस पर एसडीएम द्वारा निर्माण रोक दिया गया था परन्तु वार्ड 3 व 4 की जांच नही हो पाई व राजनीति दबाव प्रभाव के चलते निकाय द्वारा प्रशासन को मौखिक व लिकित रूप से भ्रामक जानकारी देते हुए वार्ड 3 व 4 का सीसी रोड निर्माण ताबड़तोड़ शुरू कर कार्य भी पूर्ण कर दिया गया ।

मीडिया ने जनप्रतिनिधियों को “खुले मंच” पर आमंत्रित किया

मीडिया ने नगर परिषद की मनमानी व प्रशासन द्वारा मामले की जांच तत्काल न करने तथा निकाय द्वारा निर्माण चालू करने पर 23 जुलाई को नगर के मध्य आज़ाद चोक चौराहे पर एक “खुले मंच” का आयोजन रखकर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व मुख्य नपा अधिकारी को आमंत्रण देकर नगर की जनता के बीच बुलवाया परन्तु एक भी जिम्मेदार मीडिया व जनता के बीच प्रश्नों के उत्तर देने नही पहुचा बल्कि कूटनीति चाल चलाकर मीडिया को दो भागे में बाटने का कुत्सित प्रयास किया तब मीडिया ने जनता को परिषद द्वारा जनधन के दुरुपयोग व नगर विनाश की लीला से अवगत करवाया ।

मीडिया ने की डीएम से चर्चा

नगर परिषद केशव उद्यान के पास व पीछे सीसी रोड व सामुदायिक भवन पर 70 लाख से अधिक की राशि खर्च करने पर क्यो तुली हुई थी (?) कि लगातार निर्माण का विरोध व अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के बाद भी निर्माण शुरू करने लगी । आखिर मीडिया ने 27 जुलाई को कलेक्टर साहब से मुलाकात कर विस्तृत रूप से वस्तुस्थिति के कारणों से अवगत करवाते हुए जनहित, शासनहित में जनधन का दुरूपयोग रोकने का आग्रह करते हुए लिखित में दिया कि आप स्वयं एकबार निरीक्षण करे अगर मीडिया की शिकायत व विरोध गलत है तो मीडिया के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करे । कलेक्टर श्री मिश्रा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को निर्माण को स्थगित करने की कार्यवाही के आदेश दिए ।

कलेक्टर व एसडीएम का माना आभार

जनधन का दुरुपयोग रोकने की दिशा में जनहित व शासनहित में जिला कलेक्टर श्री शोमेस मिश्र व एसडीएम सुश्री ज्योति परस्ते द्वारा दिये स्थगन आदेश पर क्षेत्र के मीडिया वर्ग द्वारा नगर की जनता की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना ।

मीडिया द्वारा जांच व भुगतान पर रोक की मांग

शिकायत की जांच में विलंब के चलते नगर परिषद द्वारा नगर के वार्ड 3 व 4 में 30 लाख की लागत से किये गए सीसी रोड़ निर्माण को जनधन का दुरुपयोग बताते हुए घटिया निर्माण की जांच करने निर्माण एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाने के साथ ही जनधन के दुरुपयोग की यह राशि परिषद के जिम्मेदारों से वसूलने की मांग की गई है ।