Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

उज्जैन। अभी सावन का महीना चल रहा है। सावन में आने वाले सभी व्रत और त्योहारों का बहुत महत्व होता है। हर माह की तरह सावन मास में दो एकादशी पड़ती हैं। पहली को कृष्ण पक्ष और दूसरी को शुक्ल पक्ष कहा जाता है। सावन मास में पडऩे वाली पहली एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। इस साल कामिका एकादशी 4 अगस्त बुधवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। कामिका एकादशी के दिन तुलसी पत्ते का उपयोग करना शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार कामिका एकादशी के दिन उपवास रखने और पूजा-अर्चना करने से जातकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तारीख 3 अगस्त दिवस मंगलवार की दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर आरंभ होगी। जिसका समापन अगले दिन 4 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 17 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष कामिका एकादशी व्रत 4 अगस्त को रखा जाएगा।
बन रहे शुभ योग
कामिका एकादशी के दिन सुबह 5 बजकर 44 मिनट से अगले दिन सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग है। इस वर्ष कामिका एकादशी व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग में रखा जाएगा। जिससे जातकों को काफी लाभ होगा। कामिका एकादशी व्रत में पारण मुहूर्त का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार एकादशी व्रत का पारण विधि विधान से नहीं होने पर उपवास का लाभ नहीं मिलता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी की तिथि 5 अगस्त गुरुवार को किया जाएगा। पंचांग के मुताबिक कामिका एकादशी का पारण सुबह 5 बजकर 45 मिनट से सुबह 8 बजकर 26 मिनट के बीच कर सकते हैं। पारण के बाद गरीबों को दान करना शुभ माना गया है।

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