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मामला पहुंचा निगम आयुक्त तक, जांच होगी तो होगा बड़ा खुलासा
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

अपर आयुक्त वित्त के मामले की जांच में ठेकेदारों के निशाने पर आए अपर आयुक्त आर.पी. मिश्रा एक बार फिर चर्चाओं में आ गए हैं। इस बार उन्होंने पीएचई विभाग के पूर्व प्रभारी होने के बावजूद 30 से 35 मेंटेनेंस की फाइलों पर पुरानी तारीख में हस्ताक्षर किए हैं। जिससे स्पष्ट है कि उन्होंने खुद का मेंटेनेंस करने के लिए संबंधित विभाग से हटने के बाद पुरानी तारीखों में इन फाइलों पर स्वीकृति प्रदान की है।
नगर निगम सूत्रों की मानें तो ठेकेदारों को परेशान करने वाले अपर आयुक्त वित्त गणेशीलाल धाकड़ के मामले को लेकर हुई शिकायत में हाल ही में ठेकेदारों द्वारा निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित कलेक्टर आशीष सिंह को ठेकेदार एसोसिएशन द्वारा ज्ञापन दिया गया था जिसमें उल्लेख किया गया था कि धाकड़ के साथ मिलीभगत कर जांच अधिकारी बनाए गए अपर आयुक्त आरपी मिश्रा द्वारा शिकायत में दर्ज बिन्दुओं से हटकर तकनीकी मामलों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अपर आयुक्त आरपी मिश्रा का एक और कारनामा सामने आ गया। जिसमें सूत्र बताते हैं कि उन्होंने पीएचई विभाग के प्रभारी अपर आयुक्त पद से मुक्त होने के बाद कतिपय इंजीनियरों को बुलाकर मेंटेनेंस के नाम पर 30 से 35 कोटेशन टेण्डरों की फाइलों को स्वीकृत किया है। नाम न छापने की शर्त पर निगम से जुड़े एक कर्मचारी ने तो यह तक कहा कि अपर आयुक्त आरपी मिश्रा ने पीएचई विभाग की जिम्मेदारी से हटने के बाद अपने आर्थिक मेंटेनेंस को बरकरार रखने के लिए पीएचई विभाग की मेंटेनेंस फाइलों पर इंजीनियरों को बुलाकर हस्ताक्षर किए हैं। इतना ही नहीं प्रत्येक फाइल पर 10 हजार रुपए भी लिए गए हैं। अगर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल अपर आयुक्त मिश्रा के कार्यकाल के दौरान मेंटेनेंस के नाम पर ऑफ लाईन और कोटेशन टेण्डर फाइलों की जांच करवाएं तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों नगर निगम आयुक्त द्वारा अपर आयुक्त आरपी मिश्रा की कार्यों के प्रति अनदेखी और लापरवाही के चलते उनसे पीएचई विभाग का प्रभार छीन लिया गया था। लेकिन धाकड़ के साथ मिलकर जादूगरी दिखाने में माहिर अपर आयुक्त आरपी मिश्रा ने पीएचई विभाग का प्रभार हटने के बाद जो जादूगरी दिखाई है उसकी अगर तथ्यों के साथ जांच करवाई गई तो यह एक गंभीर अनियमितता के रूप में सामने आएगी।

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