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नईदिल्ली। अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। भारत में भी इस पर बयानबाजी शुरू हो गई है। शायर मुनव्वर राना ने इस पर एक बयान दिया। उन्होंने अफगानिस्तान के हालात को भारत से बेहतर बताया। राना ने तालिबान की तुलना आरएसएस, बीजेपी और बजरंग दल से की। उनके बयान पर अब विवाद शुरू हो गया है।
राना ने कहा कि अफगानिस्तान से ज्यादा क्रुरता तो हिंदुस्तान में है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा उसका अंदरूनी मसला है। तालिबानी-अफगानी जो भी हैं, जैसे भी हैं, सब एक हैं। जैसे हमारे यहां बजरंग दल, बीजेपी और आरएसएस सब एक हैं। 1000 साल पुराना इतिहास उठाकर देख लीजिए, अफगानियों ने कभी हिंदुस्तान को धोखा नहीं दिया है। राना ने कहा कि अफगानिस्तान को भारत में मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। एक समय आएगा जब तालिबानी हुकूमत हिंदुस्तान से मदद मांगेगी और भारत उनकी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भारत के माफियाओं के पास तालिबान से ज्यादा हथियार हैं। तालिबानी हथियार छीनते हैं, लेकिन हमारे यहां माफिया खरीद लेते हैं। राना ने कहा कि औरंगजेब के जमाने में अफगानिस्तान हिंदुस्तान का हिस्सा था। मुगल बादशाह की हुकूमत थी तो भारत का हिस्सा अफगानिस्तान होता था। जब अंग्रेजों का समय आया तब अफगानों ने उन्हें पेड़ पर लटकाना शुरू कर दिया। इसके बाद अफगानिस्तान से हिंदुस्तान को अलग कर दिया गया। मुनव्वर राना ने कहा कि मोदी सरकार ने अफगानिस्तान में कई काम करवाया है। संसद भवन बना हुआ है। सड़कें बनवाई। कोई भी आदमी इसको नकार नहीं सकता। चाहे तालिबानी आ जाए या कोई और अफगानिस्तान के लोग जानते हैं कि हिंदुस्तान ने उनका कुछ बिगाड़ा नहीं बल्कि बनाया है।