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रक्षाबंधन पर दिख रहा खुल चुके लॉकडाउन का साया

हंगाई के बीच उत्साह में नहीं कमी, बाजार में जमकर खरीददारी
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

इस बार रक्षाबंधन पर ढाई माह पूर्व खुल चुके लॉकडाउन का साया बना हुआ है। महंगाई के बाद भी भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का उत्साह बाजार में देखा जा रहा है। दो दिन बाद रक्षाबंधन मनाया जाएगा जिसको लेकर बाजार में खरीददारी का दौर जारी है।
मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण की दस्तक के बाद लॉकडाउन लगाया गया था। तीन माह बाद लॉकडाउन खोला गया। लेकिन आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से बिगड़ी हुई थी। वर्ष 2021 की शुरुआत होते ही फिर से शहरवासियों को कोरोना कफ्र्यू का सामना करना पड़ा और आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से बिखरी नजर आई। इस बीच अब शहर कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुका है। पर्वों-त्योहारों की शृंखला शुरू हो चुकी है। सावन माह के बाद रविवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाना है। लेकिन महंगाई डायन की तरह दिखाई दे रही है। बावजूद भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का उत्साह कम नहीं है। इस बार खुलकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। बाजार पूरी तरह से सजे नजर आ रहे हैं। बहनें खरीददारी के लिए घरों से निकल चुकी हैं। वहीं विवाहित बहनों का मायके जाने का सफर भी शुरू हो गया है। इस बीच महंगाई परेशानी बनी हुई है। बाजार में रक्षासूत्र 5 रुपए कीमत से लेकर 500 रुपए तक में मिल रहे हैं। शगुन के तौर पर रक्षासूत्र बांधने के दौरान दिया जाने वाला नारियल भी 20 से 25 रुपए कीमत का हो चुका है। स्नेह के साथ मुंह मीठा कराने के लिए मिठाइयां भी 500 रुपए कीमत से ऊपर में मिल रही हैं। रक्षा का वचन देते समय भाइयों द्वारा बहनों को दिए जाने वाले उपहार भी महंगे दामों के हो चुके हैं। जिसमें कपड़े शामिल हैं। जिनकी कीमतों में 20 से लेकर 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है।
इंदौर-उज्जैन का किराया महंगा
रक्षाबंधन पर सफर का सिलसिला भी काफी तेजी के साथ बढ़ जाता है। कोरोना संक्रमण के बाद सफर करना भी महंगा हो गया है। जहां इंदौर-उज्जैन के बीच दूरी तय करने के लिए 70 से 80 रुपए खर्च करना पड़ रहे हैं वहीं ट्रेनों में भी टिकट की दर बढ़ चुकी है। लोकल ट्रेनों की शुरुआत नहीं होने पर सफर के लिए रिजर्वेशन कराना पड़ रहा है। जिसके चलते टिकट शुल्क भी अधिक है। 100 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 100 से 120 रुपए अधिक खर्च करना पड़ रहे हैं। वहीं निजी वाहनों से सफर करना भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढऩे से महंगा पड़ रहा है। कई छोटे उद्योग-धंधे बंद हो चुके हैं। वहीं कई लोग बेरोजगारी की कगार पर खड़े हैं। लेकिन स्नेह के प्रतीक रक्षाबंधन मनाए जाने में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपने स्तर पर परंपरा को निभाने के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।
रक्षाबंधन पर दो विशेष शुभ मुहूर्त के संयोग
ज्योतिष गणना के अनुसार इस साल रक्षाबंधन पर गज केसरी योग कुंभ राशि गुरू चन्द्र साथ में होने से विशेष शुभ मुहूर्त योग बन रहा है। साथ में रक्षाबंधन पर यह धनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस शुभ संयोग को अति उत्तम माना गया है। माना जाता है कि इस संयोग में रक्षाबंधन भाई और बहन दोनों के लिए शुभकारक और लाभ फलदायी होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रक्षाबंधन के पावन पर्व के दिन सुबह 6.15 बजे से लेकर 10.34 बजे तक शोभन योग रहेगा, जबकि धनिष्ठा योग शाम को करीब 7.40 मिनट तक रहेगा। दोपहर 1.42 से 4.18 बजे तक शुभ श्रेष्ठ मुहूर्त में राखी बांधना सबसे उत्तम माना गया है। रक्षाबंधन का पर्व हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल रक्षा बंधन का त्योहार 22 अगस्त रविवार को मनाया जायेगा।

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