Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

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काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा करने के बाद अब तालिबान पंजशीर घाटी की ओर बढ़ रहा है लेकिन इस बीच उन्हें करारा झटका लगा है। जानकारी के अनुसार घात लगाए बैठे पंजशीर के विद्रोहियों ने 300 तालिबानी आतंकी पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया है। वहीं टोलो न्यूज के हवाले से यह खबर भी आ रही है कि स्थानीय विद्रोही बलों ने तीन जिलों को भी तालिबान के नियंत्रण से वापस ले लिया है। हालांकि आतंकी संगठन ने इसे झूठी खबर बताया है। इसके उलट तालिबान ने दावा करते हुए कहा कि उसने पंजशीर के दो जिलों पर कब्जा कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक तालिबान ने फसीहुद दीन हाफिजुल्लाह के नेतृत्व में पंजशीर पर हमला करने के लिए सैकड़ों लड़ाकों को भेजे थे लेकिन उसके मंसूबे पर पानी फिर गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही तालिबानी लड़ाके अंदराब घाटी पहुंचे वहां घात लगाए बैठे पंजशीर के विद्रोहियों ने उन पर हमला कर दिया। इस इस हमले में 300 तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने की खबर है।
बानू के पूर्व पुलिस प्रमुख असदुल्ला ने कहा कि ऊपर वाले और मुजाहिदीन के समर्थन से हमने तालिबान के नियंत्रण से तीन जिलों को मुक्त करा लिया है। हम अब खिनजान जिले की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही बगलान प्रांत से तालिबान का सफाया कर देंगे। वहीं बगलान में राजमार्ग के प्रभारी पूर्व पुलिस कमांडर गनी अंदाराबी ने कहा कि अल्लाह की मदद से, हमने तालिबान के कई लड़ाके को बड़े पैमाने पर हताहत किया है। वर्तमान में बानू जिला सार्वजनिक विद्रोही ताकतों के नियंत्रण में है। वहीं एक और जानकारी आ रही है कि अफगानिस्तान के पंजशीर पर कब्जा करने के एक सप्ताह बाद तालिबान सरकार बनाने की भी घोषणा कर सकता है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने टोलो न्यूज से कहा कि नई सरकार के गठन को लेकर अफगानिस्तान के नेताओं से बातचीत जारी है। जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। वहीं खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर चुके अमरुल्लाह सालेह ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि पड़ोसी अंदराब घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में तालिबानी लड़ाके मुश्किल में फंस गए हैं जिसके कारण वे पंजशीर के प्रवेश द्वार के पास सैंकड़ो लड़ाकों को जमा कर दिया है। इस बीच सलांग हाईवे को भी उन्होंने बंद कर दिया है। हमें उम्मीद है हम इस संकट से जल्द उबर जाएंगे।
पंजशीर पर कब्जा करना तालिबान के लिए आसान नहीं
जब से तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया है तभी से पंजशीर घाटी के विद्रोही सतर्क हो गए हैं और खुद को और मजबूत करने में लग गए हैं। बताया जा रहा है कि इन विद्रोहियों में कठोर प्रशिक्षण पाए अफगान नेशनल आर्मी के सैनिकों की संख्या सबसे अधिक है। इस गुट का नेतृत्व नॉदर्न एलायंस ने चीफ रहे पूर्व मुजाहिदीन कमांडर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद कर रहे हैं। उनके साथ पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह और बल्ख प्रांत के पूर्व गवर्नर की सैन्य टुकड़ी भी है
तालिबान की धमकी, 31 अगस्त तक सेना नहीं हटी तो यूएस को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे


तालिबान ने अमेरिका और ब्रिटेन को धमकी दी है कि यदि 31 अगस्त तक काबुल एयरपोर्ट खाली नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतान पड़ेंगे। बता दें, दोहा समझौते के मुताबिक, अमेरिका ने 31 अगस्त तक की मोहलत मांगी है। अब ताबिलान ने साफ कर दिया है कि वह इसके बाद एक दिन भी नहीं देगा। बता दें, अभी काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना का कब्जा है। सभी ऑपरेशन्स अमेरिकी सेना की मदद से किए जा रहे हैं। यही कारण है कि भारत समेत अन्य देश अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाल पा रहे हैं।