Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

पूर्व में कई बार निगम ठेकेदार व कर्मचारी विरोध कर दे चुके है ज्ञापन
उज्जैन।
निगम ठेकेदारों कर्मचारी द्वारा लगातार विरोध करने के बाद शासन द्वारा नगर निगम आयुक्त आर.पी. मिश्रा को निगम के पद से निलंबित कर दिया गया है।
विगत दिनों निगम द्वारा सौंपे गए एक महत्वपूर्ण दायित्व जांच में गोलमाल करने के बाद से ही निगम ठेकेदार व कर्मचारियों द्वारा लगातार विरोध कर ज्ञापन सौंपे जा रहे थे। जिस पर शासन द्वारा कारण बताओं नोटिस श्री मिश्रा को जारी किया गया था जिस पर श्री मिश्रा ने जवाब देते हुए अपना पक्ष रखा गया। आयुक्त, नगर निगम, उज्जैन द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि श्री मिश्रा को सौंपे गये दायित्वों के प्रति लापरवाह और उदासीन हैं साथ ही वो निरंतर उनके शासकीय आदेशों/निर्देशों का उल्लघंन करते हैं। विगत दिनों एक महत्वपूर्ण शासकीय दायित्व में उनके द्वारा लापरवाही किये जाने से शासन के लिये विपरीत स्थिति उत्पन्न हुई। उनके द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि उन्होंने सक्षम स्वीकृति प्राप्त किये बिना कुछ स्थानातंरण भी किये हैं।

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राज्य शासन द्वारा यह दिया आदेश
राज्य शासन द्वारा श्री और.पी. मिश्रा को अपर आयुक्त (मूल पद-मुख्य नगरपालिका अधिकारी वर्ग क) नगरपालिक निगम उज्जैन म.प्र. में पदस्थ किया गया है।
आयुक्त, नगर निगम, उज्जैन द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि श्री मिश्रा उनको सौंपे गये दायित्वों के प्रति लापरवाह और उदासीन हैं साथ ही वो निरंतर उनके शासकीय आदेशों/निर्देशों का उल्लघंन करते हैं। विगत दिनों एक महत्वपूर्ण शासकीय दायित्व में उनके द्वारा लापरवाही किये जाने से शासन के लिये विपरीत स्थिति उत्पन्न हुई। उनके द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि उन्होंने सक्षम स्वीकृति प्राप्त किये बिना कुछ स्थानातंरण भी किये हैं।
_ आयुक्त नगरपालिक निगम उज्जैन द्वारा श्री मिश्रा का उक्त कृत्य म.प्र.सिविल सेवा आचरण नियम,1965 में उल्लेखित प्रावधानों के विपरीत होने से श्री मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र कार्यालय नगरपालिका निगम उज्जैन के पत्र क. 764 दिनांक 09.08.2021 द्वारा जारी किया गया। श्री मिश्रा द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र का जबाब दिनांक 09.08.2021 को नगरपालिक निगम उज्जैन में प्रस्तुत किया गया जिसे आयुक्त नगरपालिक निगम उज्जैन द्वारा समाधानकारक नहीं पाया गया है। _ श्री मिश्रा द्वारा जानबूझकर किये जा रहे उक्त कृत्य अनुशासनहीनता एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है। उक्त कृत्य म0प्र0नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 92 एवं म0प्र0सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम (3) के विपरीत है।
अत: श्री आर.पी.मिश्रा अपर आयुक्त नगरपालिक निगम उज्जैन जिला उज्जैन को म0प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 86 म0प्र0सिविल सेवा (वर्गीकरण,नियत्रंण तथा अपील) नियम 1966 तथा म0प्र0नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 के नियम 32 एवं 36 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबित अवधि में श्री मिश्रा का मुख्यालय-कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक,नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग उज्जैन म0प्र0 रहेगा तथा निलबंन अवधि में श्री मिश्रा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी जो नगरपालिक निगम उज्जैन जिला उज्जैन म0प्र0 द्वारा देय होगा।

नगर निगम उज्जैन

अपर आयुक्त वित्त दायित्व राघवेंद्रपाल सिंह को सौंपा

नगर निगम में पदस्थ अपर आयुक्त वित्त गणेशीलाल धाकड़ लगातार स्वास्थ्य खराब होने का कारण बताकर नगर निगम से अवकाश ले रहे है, जिसके कारण निगम में उनके दायित्व के सभी कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिसे सुचारू करने के लिए नगर निगम प्रशासक एवं संभागायुक्त संदीप यादव ने अपर आयुक्त वित्त का अतिरिक्त प्रभार राघवेंद्रपाल सिंह उप संचालक वित्त संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा विभाग को सौंप दिया है। उल्लेखनीय है कि गणेशीलाल धाकड़ भी लगातार अपनी मानमानी के चलते नगर निगम में इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए है। ठेकेदारों द्वारा इनके खिलाफ लिखित में नगर निगम आयुक्त और कलेक्टर को पूर्व में ज्ञापन भी दिया जा चुका है।


कारण बताओं नोटिस हुआ था जारी
आयुक्त नगरपालिक निगम उज्जैन द्वारा श्री मिश्रा की निरंतर शिकायत आने के बाद म.प्र.सिविल सेवा आचरण नियम,1965 में उल्लेखित प्रावधानों के विपरीत होने से श्री मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र कार्यालय नगरपालिका निगम उज्जैन के पत्र क. 764 दिनांक 09.08.2021 द्वारा जारी किया गया था। श्री मिश्रा द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र का जबाब दिनांक 09.08.2021 को नगरपालिक निगम उज्जैन में प्रस्तुत किया गया जिसे आयुक्त नगरपालिक निगम उज्जैन द्वारा समाधानकारक नहीं पाया गया है।
लगातार कर रहा था अपनी मनमानी
श्री मिश्रा द्वारा जानबूझकर किये जा रहे उक्त कृत्य अनुशासनहीनता एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है। उक्त कृत्य म.प्र.नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 92 एवं म.प्र.सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम (3) के विपरीत है। अत: आर.पी.मिश्रा अपर आयुक्त नगरपालिक निगम उज्जैन को म.प्र. नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 86 म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण,नियत्रंण तथा अपील) नियम 1966 तथा म.प्र.नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 के नियम 32 एवं 36 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
संभागीय संयुक्त संचालक,नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग कार्यालय में सौंपा प्रभार
निलंबित अवधि में श्री मिश्रा का मुख्यालय-कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग उज्जैन म.प्र. रहेगा तथा निलबंन अवधि में श्री मिश्रा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी जो नगरपालिक निगम उज्जैन जिला उज्जैन म.प्र. द्वारा देय होगा।