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तड़के 4 बजे खोलें सांदीपनि आश्रम के पट
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

देशभर में मनाए जा रहे भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव का विशेष महत्व धार्मिक नगरी से जुड़ा हुआ है। भगवान श्री कृष्ण ने धार्मिक नगरी के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी। आज यहां जन्माष्टमी का पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। राज्यपाल ने आश्रम पहुंचकर दर्शन पूजा अर्चना की है।
भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में प्रतिवर्ष जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। आज इस मौके पर आश्रम में मंदिर के पट सुबह 4 बजे खोल दिए गए थे। विशेष पूजा अर्चना के बाद यहां धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी गई थी। भगवान श्री कृष्ण और बलराम का का आकर्षक श्रृंगार किया गया था। महर्षि सांदीपनि की व्यास पीठ को सम्मान के साथ सजाया गया है। सुबह से ही सांदीपनि आश्रम में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। सभी को कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक दर्शन कराए जा रहे थे। आश्रम के पंडित रूपम व्यास के अनुसार प्रतिवर्ष जन्माष्टमी का पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है। कोरोना गाइडलाइन के चलते भव्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए हैं। आश्रम को फलों और फूलों से सजाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था गाइडलाइन के अनुसार की गई है। सांदीपनि आश्रम के साथ गोपाल मंदिर पर भी जन्माष्टमी की धूम दिखाई दे रही थी सुबह से ही श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण के दर्शन करने पहुंच रहे थे। मंदिर में विशेष पूजा अर्चना आज रात की जाएगी। मंदिर को विद्युत रोशनी और फूलों से सजाया गया है। फ्रीगंज क्षेत्र के छोटा गोपाल मंदिर पर भी जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। नए शहर की पास कॉलोनी के समीप बने इस्कान मंदिर में भी जन्माष्टमी की धूम बनी हुई थी। श्रद्धालुओं के साथ यहां देश विदेश से आए भक्त भी भक्ति के रंग में रंगे हुए थे। पूरे शहर में जन्माष्टमी का उत्साह बना हुआ था। कई क्षेत्रों में मटकी फोड़ आयोजन की तैयारियां की जा रही थी। रात में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे लेकिन पिछले वर्षों की तर्ज पर भव्यता नहीं होगी। कोरोना गाइड लाइन के चलते कार्यक्रमों को छोटा स्वरूप दिया गया है।

राज्यपाल पहुंचे सांदीपनि आश्रम
शहर में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत करने आए प्रदेश के राज्यपाल मांगू भाई पटेल भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम पहुंचे थे। उनके साथ स्थानीय भाजपा के नेता सांसद और मंत्री मौजूद थे। राज्यपाल द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना की गई। उसके बाद वह पाठ्यक्रम के शुरुआत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
शाम को बाबा महाकाल की सवारी
धार्मिक नगरी में आस्था का दोहरा सहयोग बना हुआ है। सुबह से शहर में जन्माष्टमी का उत्साह बना हुआ था। वही सावन भादो मास के निकलने वाली बाबा महाकाल की छठी सवारी शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से निकाली जाएगी। आस्था के दो संयोग होने पर शहर में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे हैं। जिसके चलते महाकाल मंदिर से लेकर सांदीपनि आश्रम तक आस्था का नजारा दिखाई दे रहा है। पुलिस और प्रशासन ने भी आस्था को देखते हुए मंदिर से लेकर आश्रम तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

इस्कान मंदिर में भी जन्माष्टमी की धूम बनी हुई


जन्माष्टमी पर सजा अनूठा साक्षी गोपाल मंदिर
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित श्री साक्षी गोपालजी का मंदिर भी जन्माष्टमी पर्व के लिए सजकर तैयार है। सोमवार को जन्माष्टमी पर यहां दिनभर गोपालजी के आकर्षक शृंगार दर्शन होंगे।
साक्षी गोपाल मंदिर की मुख्य पुजारी शारदा चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि जब से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है तभी से श्री साक्षी गोपालजी उनके दर्शन की गवाही देते आ रहे हैं। मंदिर में श्री राधा, कृष्ण, बलराम व रेवतीजी की आकर्षक प्रतिमाएं है। जन्माष्टमी पर श्री साक्षी गोपालजी का मखमली जरी के वस्त्रों से आकर्षक शृंगार किया गया है वहीं मंदिर के अंदर महल के रूप में कलात्मक सजावट की गई है। सोमवार को पर्व पर गोपालजी की रात्रि में महाआरती कर प्रसाद वितरण किया जाएगा। पुजारी शारदा चतुर्वेदी ने बताया कि प्राचीन काल से यह मंदिर महाकाल मंदिर परिसर में स्थापित है और ऐसी मान्यता है कि महाकाल भगवान के दरबार में देश व दुनियाभर से जो भी श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं वे इन गोपालजी के दर्शन बाद ही लौटते हैं। क्योंकि ऐसा कहा जाता हे कि उनके महाकाल दर्शन की साक्षी यहीं से मिलती है और उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इसलिए यह गोपालजी को श्री साक्षी गोपाल के नाम से विख्यात है।

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