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टोक्यो पैरालिंपिक: शूटिंग में मनीष ने गोल्ड और सिंहराज ने सिल्वर जीता

प्रमोद भगत, कृष्णा नागर बैडमिंटन फाइनल में, गोल्ड के लिए खेलेंगे
टोक्यो।
टोक्यो पैरालिंपिक में 11 वें दिन भारत के लिए अच्छी शुरुआत रही। शूटिंग में एसएच-1 कैटेगिरी के 50 मीटर एयर पिस्टल में मनीष नरवाल ने गोल्ड और सिंहराज अधाना ने सिल्वर मेडल जीत लिया है। इससे पहले प्रमोद भगत ने एसएल थ्री में भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया। इनके अलावा एसएच-6 कैटगिरी में भी कृष्णा नागर फाइनल में पहुंच गए हैं।
मनीष ने फाइनल में 209.1 का स्कोर किया, जबकि सिंहराज ने 207.3 स्कोर का सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले अधाना क्वॉलिफिकेशन राउंड में 536 अंकों के साथ चौथे स्थान पर थे, जबकि नरवाल 533 अंकों के साथ सातवें स्थान पर थे। अधाना 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। प्रमोद ने सेमीफाइनल में जापान के फुजिहारा डाइसुके को 21-11, 21-16 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं सुहास ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-15 से हराया। इसके साथ ही टोक्यो में भारत के 18 मेडल हो जाएंगे। सुहास नोएडा के ष्ठरू हैं। इससे पहले भी वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीत चुके हैं। हरियाणा ने सरकार ने टोक्यो में गोल्ड मेडल जीतने वाले हरियाणा के फरीदाबाद निवासी मनीष नरवाल को 6 करोड़ देने की घोषणा की है, वहीं सिल्वर मेडल जीतने वाले सिंहराज को 4 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। भारत के अब टोक्यो में 17 मेडल हो चुके हैं। अब तक 53 साल में 11 पैरालिंपिक्स में 12 मेडल आए। 1960 से पैरालिंपिक हो रहा है। भारत 1968 से पैरालिंपिक में भाग ले रहा है। वहीं 1976 और 1980 में भारत ने भाग नहीं लिया था।
नोएडा के डीएम सुहास गोल्ड जीतने के करीब


भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी और गौतम बुद्ध नगर के डीएम सुहास एलवाई ने टोक्यो पैरालिंपिक-2020 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों के एलएस-4 वर्ग के एकल में इंडोनेशिया के सेतिवान फ्रेडी को सीधे गेम में 21-19 और 21-15 से मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। वह देश के पहले ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने पैरालिंपिक में मेडल पक्का कर लिया है। एसएल4 क्लास में सुहास का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्रांस के लुकास माजूर से होगा। सुहास के अलावा मौजूदा विश्व चैम्पियन प्रमोद भगत भी फाइनल में पहुंच गए, हालांकि मनोज सरकार और तरुण ढिल्लों को सेमीफाइनल में पराजय का सामना करना पड़ा। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और एशियाई चैम्पियन 33 वर्ष के भगत ने एसएल3 क्लास में जापान के दाइसुके फुजीहारा को 36 मिनट में 21-11, 21-16 से हराया। इस साल पैरालिंपिक में पहली बार बैडमिंटन खेला जा रहा है लिहाजा स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंचने वाले भगत पहले भारतीय हो गए। उनका सामना ब्रिटेन के डेनियल बेथेल से होगा।

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