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उपद्रव, महंगाई के साथ किसी की राशि में वरदान तो किसी के कष्टदायी योग
उज्जैन।
7 सितंबर को ग्रहों में सेनापति वर्ष के राजा भुमि पुत्र मंगल कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और 22 सितंबर तक इसी राशि में रहेंगे। मंगल ग्रह के कन्या राशि में होने के कारण उज्जैन सहित देश विदेश में तनावपूर्ण स्थिति, उपद्रव, महगाई के साथ किसी की राशि में वरदान तो किसी को कष्टदायी योग बन रहे हैं। व्यापार व्यवसाय, वाहन खूब बिक्री होती हैं दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम में बढ़ोत्तरी होती हैं। भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र ज्योर्तिविज्ञान के अनुसार वर्तमान में सौर मंडल में ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं।
ज्योतिर्विद पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास ने बताया कि वैदिक ज्योतिष अनुसार मंगल ग्रह साहस, पराक्रम, शौर्य, शारीरिक व मानसिक शक्ति, उर्जा, युद्ध, भाई, भूमि का कारक माना जाता है। पुलिस, प्रशासन, सेना, अग्नि संबंधित कार्य, खेलकूद, ऊर्जा, उत्पादन केंद्र, हथियार, शल्य चिकित्सा, चिकित्सक, मशीनरी, मैकेनिकल, शारीरिक, अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी चित्रा म्रगशिरा घनिष्ठा का नक्षत्र का स्वामी मकर राशि में उच्च का मेष राशि में स्वग्रही वृश्चिक राशि में स्वग्रही कर्क राशि में नीच का रहता है। बुध से शत्रुता, वर्तमान मंगल ग्रह कन्या राशि गोचर स्थिति पृथ्वी तत्व आपस में मन मुटाव भीषण अग्नि कांड, वाहन दुर्घटना, विवाद, प्रकृति पर्यावरण संबंधी समस्या स्वास्थ्य संबंधी स्थिति बन रही है। अग्नि तत्व है जो वातावरण में अधिक गर्मी पडऩा, युध्द जैसे हालात निर्मित, मंगल ग्रह सेनापति वर्ष के राजा होने से शारीरिक पीड़ा, कमर दर्द, पाचन क्रिया, पैरों में तकलीफ, प्रभाव कई बीमारी का कारण बन रही है। मंगल भूमि, मनुष्य जीवन के लिए बड़ा प्रभावशाली ग्रह है। वैवाहिक जीवन में मंगल प्रभावशाली माना जाता है जिसके कारण अवरोध बनता है साथ ही संबंध होते होते टूट जाना तथा चलते चलते रुक जाता है। 7 सिंतबर से 22 अक्टूबर तक मंगल ग्रह कन्या राशि में रहेंगे। वर्ष के राजा मगल परिवर्तन से वाहन दुर्घटना, कोरोना रोग पीड़ा, अपराधों में बढ़ोत्तरी, बिजली उपकरणों जैसी समस्याओं का कारण बनी रहती है।

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