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क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड करवाकर खाते से निकाले थे 7.45 लाख

पश्चिम बंगाल से राज्य साइबर टीम ने पकड़ा आरोपी
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

बैंक अकाउंट की केवाईसी कराने के नाम पर हुई लाखों की ठगी के मामले में राज्य साइबर सेल की टीम ने पश्चिम बंगाल के कई स्थानों पर दबिश देने के बाद एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। लाखों की राशि का हिस्सा बदमाश के खाते से निकाला गया है।
राज्य साइबर सेल निरीक्षक रीमा यादव कुरील ने बताया कि जुलाई माह में आरटीओ कार्यालय के समीप रहने वाले डॉक्टर जितेंद्र भटनागर ने अपने खाते से 7.45 लाख रुपए निकाले जाने की शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उनके पास बैंक अकाउंट की केवाईसी का मैसेज पहुंचा था। मैसेज धारक ने खाता बंद करने की बात कही थी। मैसेज में लिखे नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्होंने उसके द्वारा दिए गए निर्देशों को मानकर क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड कर लिया और अपनी जानकारी उस पर अपलोड की। मैसेज रखने एटीएम पर जाने के लिए भी कहा उसके बाद खाते से लाखों रुपए गायब हो गए। मामले की शिकायत राज्य साइबर सेल टीम ने दर्ज कर जांच शुरू की। एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई जहां 5 दिनों तक कई क्षेत्रों में बदमाशों की तलाश में दबिश दी गई। एक बदमाश सुभोजित पिता वरुण पात्रा 26 वर्ष निवासी नूतन पारा चंदन नगर को हिरासत में लिया गया जिसे इंदौर विशेष न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके कुछ साथी जामताड़ा में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। उनके साथ मिलकर ही वारदात की गई थी। पहले वह एक ही सीरीज के मोबाइल नंबरों पर मैसेज भेजते हैं। उसके बाद कॉल कर कर उन्हें बैंक अधिकारी बताया जाता है। केवाईसी कराने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की जाती है। यूपीआई और बैंकिंग एप डाउनलोड कर खातों से पैसा निकाल लिया जाता है। निरीक्षक कुरील के अनुसार मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर उज्जैन लाने में उप निरीक्षक अमित परिहार और सहायक उपनिरीक्षक हरेंद्र पाल सिंह राठौर की टीम की भूमिका सराहनीय रही है।
साथियों को भी पकड़ा जाएगा
निरीक्षक कुरील ने बताया कि हिरासत में आए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। डॉक्टर भटनागर के खाते से निकाले गए पैसे कई अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं जिसकी जानकारी आरोपी से ली जा रही है। मामले में अन्य बदमाशों को पकड़ा जाएगा जिनसे कई वारदातों का खुलासा हो सकता है। विरासत में आए सुभोजित ने अपने अकाउंट से राशि निकालकर खर्च कर दी है जिसकी रिकवरी का प्रयास किया जा रहा है शेष राशि की बरामदगी के लिए अन्य बदमाशों की तलाश जारी है।
इस तरह बचें वारदात से
राज्य सायबर से ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि कभी किसी मैसेज पर विश्वास न करें। बैंक संबंधी मैसेज मिलने पर बैंक में जाकर संपर्क करें। रिमोट एप जैसे टीम विवर, एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट किसी के कहने पर इंस्टॉल नहीं करें। तभी इस तरह की वारदातों से बच सकते हैं।

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