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मनोकामना पूरी होने पर छत्री निशान चढ़ाने तेजाजी मंदिर पहुंचे श्रद्धालु

उज्जैन। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाए जाने वाले तेजादशमी पर्व धार्मिक नगरी में मनाया जा रहा है। सुबह से ही चेरिटेबल अस्पताल के पीछे बने मंदिर और शिप्रा नदी किनारे स्थित गऊघाट पाले पर बने मंदिर पर श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर छत्री निशान चढ़ाने के लिए पहुंचने लगे थे। तेजादशमी पर्व की परंपरा में ग्रामीणों की संख्या अधिक बनी हुई है।
आज तेजा दशमी पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर तेजाजी महाराज के मंदिरों पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं, वहीं मन्नत की छत्रियां और निशान चढ़ाने वालों का तांता लग रहा है। शहरभर में पिछले दो-तीन दिन से छत्री निशानों की दुकानें सजी दिखाई दे रही थी और तेजाजी महाराज से मन्नत मांगने वाले पूरी होने पर छत्री निशान खरीदने पहुंच रहे थे। आज सुबह उन्होंने अपनी मन्नत पूरी होने पर तेजाजी के मंदिरों में पहुंचना शुरू कर दिया था। शहर के कई स्थानों पर तेजाजी महाराज ने ओटले व मंदिर हैं, जिनमें नीलगंगा, मोतीबाग, बुधवारिया स्थित चेरिटेबल अस्पताल परिसर, विक्रम नगर परिक्षेत्र मुल्लापुरा, आगर रोड, भैरवगढ़ समेत ग्रामीण इलाकों में तेजाजी महाराज के मंदिर व ओटले विद्यमान है। इस बार भी कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन जारी होने पर श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा हुआ है। तेजाजी मंदिरों के आसपास बेरीकेट्स लगाए गए हैं। श्रद्धालु बाहर से ही छत्री निशान चढ़ा रहे हैं। सुबह के समय मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम नजर आ रही थी। लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा था मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती दिखाई देने लगी थी। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा की दृष्टि से तेजाजी मंदिरों के आसपास पुलिस जवानों की तैनाती कर दी थी। कई मंदिरों में आज सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान व पूजन-पाठ के आयोजन शुरू हो गए हैं। तेजाजी मंदिरों में मन्नत की छत्रियां व निशान चढ़ाने का सिलसिला आज सुबह से शुरू हो गया। इसके चलते आज सुबह से ही बाजारों में खरीदी करने के लिए पहुंचे। तेजाजी महाराज के मंदिरों में सर्पदंश से बचने के लिए तेजाजी महाराज की विशेष पूजा हो रही है। खासतौर पर ये पर्व ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष उत्साह से मनाया जा रहा है।

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