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भीषण जल संकट का टला खतरा, बारिश की संभावना
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

जल संकट के मुहाने पर खड़ा शहर गंभीर डेम में संग्रहित हुए क्षमता के आधे पानी से निजात पा चुका है। पानी की जरूरत अब भी बनी हुई है लेकिन जिस तरह के हालात बन चुके थे वह काफी हद तक दूर हो चुके। जिसकी सबसे बड़ी वजह इंदौर का यशवंत सागर रहा है।
लौटता मानसून बुधवार शाम को पूरे प्रदेश में सक्रिय हुआ था। बंगाल की खाड़ी से उठा सिस्टम उड़ीसा से होते हुए पूर्व मध्य प्रदेश तक पहुंचा था। बारिश शुरू हुई और धार्मिक नगरी में 24 घंटे के दरमियान 2 इंच के करीब वर्षा दर्ज की गई। शहर में हुई बारिश जल संकट को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। धार्मिक नगरी की प्यास बुझाने के लिए इंदौर के यशवंत सागर ने अपना कदम बढ़ा दिया। बुधवार गुरुवार रात खोले गए यशवंत सागर के एक गेट की वजह से शहर के सबसे बड़े जलस्रोत गंभीर डेम में पानी की आवक शुरू हो गई। डैम के केचमेंट एरिया में हुई बारिश ने भी उम्मीदें पूरी तरह से जगा दी थी। यशवंत सागर के गेट को गुरुवार सुबह बंद करने के बाद शाम को एक बार फिर खोला गया। जिसे आज सुबह बंद किया गया है इस दौरान गंभीर डेम में क्षमता का आधा पानी संग्रहित हो चुका था। अब भी धीमी रफ्तार से पानी की आवक बनी हुई है। जिसके चलते शहर में बढ़ रहा गंभीर जल संकट का खतरा काफी कम हो चुका है। 2250 एमसीएफटी की क्षमता वाले गंभीर डेम में शुक्रवार दोपहर तक एक हजार एमसीएफटी के करीब पानी दिखाई देने लगा था। धार्मिक की नगरी को अभी पानी की जरूरत है। मौसम विभाग की माने तो वर्षा काल को 13 दिन का समय बचा हुआ है और जिस तरह से बंगाल की खाड़ी में सिस्टम सक्रिय दिख रहा है उससे प्रतीत हो रहा है कि 2 दिन और रुक रुक कर बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश की ओर बढऩे लगा मानसून
जीवाजीराव वेधशाला पर्यवेक्षक दीपक गुप्ता के अनुसार शहर की और आए मानसून के कदम अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते ही नजर आ रहे हैं। इस बीच रुक रुक कर बारिश होती रहेगी। बुधवार शाम शुरू हुई बारिश गुरुवार शाम तक जारी रही थी। जिसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया था। वही बीती रात न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज हुआ है। शहर में बारिश की झड़ी नहीं लग पाने की सबसे बड़ी वजह वायु प्रेशर अधिक होना रहा है। वायु का प्रेशर कम होता तो जिस तरह का सिस्टम सक्रिय बना हुआ था उसकी वजह से शहर में औसतन बारिश का आंकड़ा अब तक पूरा हो जाता। औसतन आंकड़े में अभी 10 इंच से अधिक की जरूरत बनी हुई है।
रात भर से थमी है बारिश
रात भर से बारिश का क्रम थमा हुआ है। लेकिन आसमान से बादल गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं। संभावना व्यक्त की गई है कि आगे बढ़ रहा मानसून 2 दिनों तक शहर में बना रह सकता है। जिसके चलते रुक रुक कर बारिश हो सकती है। वैसे बंगाल की खाड़ी में कुछ सिस्टम और बनते नजर आ रहे हैं। जिनके आगे बढऩे पर तेज बारिश भी हो सकती है।

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