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डेंगू का शिकार हुई चरक भवन की लैब टेक्नीशियन

हालत बिगडऩे पर इंदौर किया था रैफर
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

डेंगू का खतरा शहर में बढ़ता जा रहा है। चरक भवन की लैब टेक्नीशियन की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हालत गंभीर हो गई थी। जिसे इंदौर रेफर किया गया था। देर शाम उसकी मौत हो गई। स्वास्थ विभाग को अभी उसकी मौत की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
चरक भवन की लैब में टेक्नीशियन के पद पर पदस्थ आगररोड पुष्पांजलि नगर में रहने वाली अर्चना पति सुनील बनवार 28 वर्ष शहर में बढ़ते डेंगू मरीजों की जांच का काम कर रही थी। 4 दिन पहले उसे बुखार आने के बाद सोमवार को जांच के लिए चरक भवन की लैब लाया गया। जांच के लिए सैंपल लिया गया। कुछ घंटे बाद ही अर्चना को डेंगू होने की पुष्टि हुई। स्टाफ और परिजन उसकी बिगड़ती हालत को देखकर माधव नगर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां आईसीयू में उपचार शुरू किया गया। अर्चना के प्लेटलेट्स तेजी के साथ कम होते जा रहे थे। मंगलवार दोपहर हालत खतरे से बाहर होती देख डॉक्टरों ने इंदौर रेफर कर दिया। देर शाम खबर आएगी अर्चना डेंगू का शिकार हो गई है। अर्चना का परिवार और स्टाफ सदमे में आ गया। अर्चना मासूम बच्चे की मां थी। कुछ खा जाओ रात में ही इंदौर से उज्जैन लाया गया। मलेरिया विभाग के प्रभारी डॉक्टर एस के अखंड का कहना था कि इंदौर से रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चल पाएगी। जबकि चरक भवन की लैब में ही अर्चना को डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। माधव नगर अस्पताल के डॉक्टर भी उसके डेंगू पॉजिटिव होने की बात कह रहे हैं। मलेरिया विभाग शहर में डेंगू के खतरे से अनजान दिखाई दे रहा है।
प्रतिदिन 4 से 5 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव
बताया जा रहा है कि चरक भवन की लैब में 300 से 400 लोगों की प्रतिदिन जांच की जा रही है। 4 से 5 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। मलेरिया विभाग द्वारा डेंगू के आंकड़े स्पष्ट नहीं किए जा रहे हैं। शहर के निजी अस्पतालों और लेब में भी प्रतिदिन सैकड़ों जांचे हो रही हैं। निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में मरीजों को पलंग नहीं मिल पा रहे हैं। बावजूद इसके मलेरिया विभाग और स्वास्थ्य विभाग खतरे से अनजान बना हुआ है। नगर निगम और मलेरिया विभाग डेंगू की रोकथाम के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहा है। शहर के कुछ क्षेत्रों में ही धुआं छोड़ती मशीन दिखाई दे रही है। चरक भवन की लैब में डेंगू की पुष्टि होने के बाद मलेरिया विभाग की टीम डेंगू का लारवा तलाशने के लिए निकल रही है।
16 दिन पहले मासूम की मौत
डेंगू से 5 सितंबर को जानसापुरा की रहने वाली 12 वर्षीय बालिका की भी इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में मौत हो गई थी। बालिका की हालत बिगडऩे परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर रैफर कर दिया गया था। परिजनों के अनुसार डेंगू की पुष्टि होने पर प्रशानिक अधिकारी संजीवनी अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन मलेरिया विभाग ने बालिका की मौत को अब तक डेंगू से नहीं माना है।

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