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माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
दो साल बाद माता की आराधना में किए जाने वाले गरबों के पहले दिन समय पर आस्था भारी दिखाई दी। रात 12 बजे तक जमकर भक्तों ने माता की गरबा नृत्य से आराधना की। प्रशासन ने बड़े आयोजनों की अनुमति नहीं दी है वहीं समय सीमा रात 10 बजे तक की रखी है।
नवरात्रि का पहला दिन भक्ति में डूबा नजर आया। सुबह से घट स्थापना और देवी मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते रहे। सार्वजनिक स्थानों पर पाण्डालों में घट स्थापना के साथ माता की प्रतिमा विराजित कर अखण्ड ज्योत जलाई गई। माता की आराधना में शाम ढलने के बाद होने वाले गरबों को लेकर सुबह से ही उत्साह दिखाई दे रहा था। दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते गरबों की प्रस्तुति नहीं हो पा रही थी। इस बार प्रशासन ने रात 10 बजे तक गरबे करने की अनुमति जारी की है। कल पहला दिन होने पर गरबों की शुरुआत रात 8 बजे के लगभग हुई और आराधना का रंग जमते-जमते 10 बज गई। इस दौरान गरबों का क्रम नहीं थमा और रात 12 बजे तक कई क्षेत्रों में गरबों की धूम दिखाई दी। पहला दिन होने पर पुलिस और प्रशासन ने भी भक्तों की आस्था देखते हुए गरबों को बंद नहीं कराया। लेकिन अनुमति 10 बजे तक की होना पुलिस द्वारा कहा गया है।
उज्जैन और देवास के बीच की दूरी हुई कम
शारदीय नवरात्रि में माता के भक्तों की आस्था अपने चरम पर होती है। वैसे तो वर्ष में गुप्त नवरात्रि, चैत्र नवरात्रि के दौरान भी भक्तों द्वारा आराधना की जाती है। शारदीय नवरात्रि में आराधना महत्वपूर्ण मानी गई है। जिसके चलते नौ दिनों तक इंदौर और देवास की दूरी भक्तों के लिए नाममात्र की रह जाती है। धार्मिक नगरी देव स्थलों से भरी है। वहीं देवास में मां चामुण्डा का दरबार पहाडिय़ों पर सजा हुआ है। धार्मिक नगरी में देवी मंदिरों के दर्शन कर श्रद्धालु देवास का रूख कर रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने देवास माता की टेकरी तक पहुंचने के लिए पैदल सफर की शुुरूआत कर दी है। सुबह से लेकर देर रात तक उज्जैन और देवास के बीच मार्ग पर माता के जयकारे सुनाई देने लगे हैं।
उपवास आराधना की सामग्री महंगी
शारदीय नवरात्रि इस बार आठ दिनों की है। कल से हुई शुरुआत के साथ मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरूआत हो गई है। वहीं माता के भक्तों ने कठिन तप और आराधना के साथ उपवास शुरू कर दिए हैं। जिसके चलते फलों की कीमत में इजाफा हो गया है। वहीं उपवास के दौरान फलाहारी सामग्री के भावों में भी वृद्धि हो गई है।

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