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जनजातीय भागीदारी के बिना आत्म-निर्भर भारत का निर्माण संभव नहीं: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज भारत सही मायने में अपना प्रथम जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। आजादी के बाद देश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर जनजातीय कला, संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को गौरव एवं सम्मान प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है। इसके लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बधाई के पात्र हैं।

भारत सरकार ने भी फैसला किया है कि 15 नवम्बर को पूरे देश में हर वर्ष गांधी-पटेल-अंबेडकर जयंती की तरह ही वृहद पैमाने पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जायेगा तथा जनजातीय समाज के योगदान को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। आज शिवराज सरकार जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये कई योजनाओं की शुरूआत कर रही है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज जंबूरी मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर जनजातीय कल्याण की विभिन्न योजनाओं की शुरूआत की। उन्होंने “राशन आपके ग्राम” योजना का शुभारंभ करते हुए डिंडोरी के श्री अनिल तथा मंडला के श्री लक्ष्मीनारायण को राशन वाहनों की चाबी सौंपी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सिकल सेल रोग उन्मूलन मिशन का शुभारंभ करते हुए झाबुआ की सुश्री हशीला, अलीराजपुर की सुश्री सीना डुडवे तथा झाबुआ के श्री मनीष सिंह सिकरवार को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान किये।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के सम्मुख राशन आपके ग्राम योजना, मध्यप्रदेश सिकलसेल मिशन और प्रदेश में टीकाकरण उपलब्धि तथा शत प्रतिशत कोविड-19 वेक्सीनेशन उपलब्धि वाले जनजातीय बहुल ग्राम नरसिंहरूंडा जिला झाबुआ पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 50 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का वर्चुअल भूमि पूजन भी किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रतलाम जिले के बाजना में बने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का लोकार्पण भी किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी ने मंच से आम जनता का अभिवादन किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए।

कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विशेष पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों के लिये नियुक्त माध्यमिक शिक्षकों श्री विवेक कुमार भारिया तथा सुश्री पिंकी सहरिया को नियुक्ति-पत्र प्रदान किये। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविशंकर भीमसेनी भारिया को नियुक्ति-पत्र प्रदान किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि यहाँ जनजातीय कलाकारों द्वारा अत्यंत मनोहारी एवं अर्थपूर्ण नृत्य-गीत की प्रस्तुति दी गई है। मैं इन्हें ध्यान से देख रहा था। इनके हर नृत्य, गीत, जीवन-शैली, परंपराओं में कोई न कोई तत्व ज्ञान होता है। आज यह नृत्य गीत मुझे बता रहे थे कि जीवन 4 दिन का होता है, फिर मिट्टी में मिल जाता है, धरती, खेत, खलिहान किसी के नहीं रहते, धन-दौलत यहीं छोड़कर जानी होती है। मन में गुमान करना व्यर्थ है। जीवन का उत्तम तत्व ज्ञान जंगल में रहने वाले ये जनजातीय भाई-बहन हमें बताते हैं। हम अभी यह सब सीख रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश में जनजातीय समाज ने कोरोना के दोनों टीके लगवाकर पढ़े-लिखे समाज के सामने उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है। देश को बचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के नरसिंहरुंडा ग्राम में शत-प्रतिशत कोरोना वैक्सीनेशन की सराहना की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय समाज का भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान है। भगवान श्री राम को वनवास के दौरान जनजातीय समाज द्वारा दिये गये सहयोग ने ही मर्यादा पुरूषोत्तम बनाया। जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों, जीवन-शैली से हमें प्रेरणा मिलती है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय समाज का हित हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश का विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक हर व्यक्ति की इसमें उचित हिस्सेदारी न हो। सरकार द्वारा हर अन्य वर्गों की तरह जनजातीय समाज को भी तरक्की का हर मौका दिया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में भी शिक्षा, आवास, बिजली, गैस, इलाज आदि सभी सुविधाएँ पहुँचाई गई हैं। देश में जल-जीवन मिशन प्रारंभ कर हर घर में नल से जल पहुँचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं, जिन पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों के सामर्थ्य के सही इस्तेमाल की नीति बनाई गई है। जनजातीय भागीदारी के बिना आत्म-निर्भर भारत का निर्माण संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनतातीय कलाकारों में सृजन की अद्भुत क्षमताएँ हैं। आज जनजातीय कलाकृति प्रदशर्नी में श्रेष्ठ कलाकृतियाँ देखने को मिली हैं। इन कलाकारों की अंगुलियों में अद्भुत ताकत है। जनजातीय कलाकृतियों एवं उत्पादों को सरकार द्वारा अब उचित बाजार प्रदान किया जा रहा है। इन्हें आत्म-निर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। ट्राइफेड पोर्टल के माध्यम से जनजातीय उत्पादों को राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकारें निरंतर जनजातीय कल्याण के कार्य कर रही हैं। सरकार द्वारा 20 लाख जनजातीय व्यक्तियों को वनभूमि के पट्टे प्रदान किये गये हैं। जनजातीय युवाओं के शिक्षा एवं कौशल विकास के लिये देशभर में 750 एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय खोले जा रहे हैं, जिनमें से 50 का आज शिलान्यास किया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा 30 लाख विद्यार्थियों को हर वर्ष छात्रवृत्ति दी जा रही है। अगले 7 वर्षों में 9 जनजातीय शोध संस्थान खोले जाएंगे। सरकार द्वारा 90 वनउपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने जो 150 से अधिक मेडिकल कॉलेज मंजूर किए हैं, उनमें जनजातीय बहुल जिलों को प्राथमिकता दी गई है। इसी तरह जल जीवन मिशन में मध्यप्रदेश में जिन 30 लाख परिवारों को घर-घर पीने का पानी पहुँचाया जा रहा है, उनमें अधिकांश जनजातीय बंधु हैं। जनजातीय वर्ग की बहनें और बेटियाँ इसके पहले दूर-दूर पानी लेने के लिए जाती थीं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि खनिज नीति में ऐसे परिवर्तन किए जिनसे जनजातीय वर्ग को वन क्षेत्रों में खनिजों के उत्खनन से लाभ मिलने लगा है। जिला खनिज निधि से 50 हजार करोड़ के लाभ में जनजातीय वर्ग हिस्सेदार है। जनजातीय समाज को यह सम्पदा काम आ रही है। खनन क्षेत्र में रोजगार संभावनाओं को बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि बाँस की खेती जैसे सरल कार्य को पूर्व सरकारों ने कानूनों में जकड़ दिया था, जिन्हें संशोधित कर अब जनजातीय वर्ग की छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति का मार्ग प्रारंभ किया गया है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहाकि मोटा अनाज जो कभी उपेक्षित था, वह भारत का ब्राण्ड बन रहा है। जनजातीय बहनों को काम और रोजगार के अवसर दिलवाने का कार्य हो रहा है। जहां पहले 8 से 10 उपजों के लिए ही समर्थन मूल्य की व्यवस्था थी, वहीं अब करीब 90 वन उपजों पर समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। जनजातीय वर्ग में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन इच्छाशक्ति के अभाव में पूर्व सरकारों ने इनके सृजन को सम्मान नहीं दिया। इनकी परम्पराओं का संरक्षण नहीं किया। आज भोपाल में जनजातीय बहनों द्वारा निर्मित वस्तुएँ देखकर उनके हुनर के प्रमाण मिले हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि प्रति विद्यार्थी जहाँ सिर्फ 40 हजार रूपए की राशि खर्च होती थी, अब सालाना एक लाख रूपए की राशि व्यय की जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध से भी जोड़ा जा रहा है। देश में कुछ वर्ष पहले तक 18 जनजातीय अनुसंधान केन्द्र थे, जो बढ़कर 27 हो गए हैं। नई शिक्षा नीति में जनजातीय वर्ग के बच्चों को मातृ भाषा की शिक्षा का लाभ भी मिलेगा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहाकि जनजातीय वर्ग देश की पूँजी है। ये देश की ताकत हैं। सेवा भावना और कर्मठता उनका स्वभाव है। इसी सेवा भाव का उदाहरण शिवराज जी ने आज राशन आपके ग्राम योजना, सिकल सेल एनीमिया मिशन प्रांरभ करने के माध्यम से प्रस्तुत किया है। जनजातीय वर्ग को कोरोना काल में भी प्रधामनंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से लाभान्वित किया गया। अब मध्यप्रदेश में नई योजना की शुरू होने से सस्ता राशन अपने ही ग्राम और घर में मिल जाने से समय और ऊर्जा की बचत होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज ही उन्होंने रांची में भगवान बिरसा मुंडा के संग्रहालय का वर्चुअल लोकार्पण किया है। हमारा कर्तव्य है कि नई पीढ़ी को हमारे संग्रामों और जनजातीय नायकों के योगदान से परिचित करवाएं। चाहे रानी दुर्गावती हो या रानी कमलापति उन्हें राष्ट्र भूल नहीं सकता। जनजातीय वर्ग के महत्वपूर्ण योगदान को आजादी के बाद दशकों तक देश को नहीं बताया गया। देश की करीब 10 प्रतिशत जनजातीय आबादी की सांस्कृतिक खूबियों को नजरअंदाज किया गया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लगभग 100 वर्ष की आयु के इतिहासकार और लेखक श्री बाबा साहब पुरंदरे के अवसान पर भी शोक व्यक्त किया, जिनका आज अवसान हुआ है। बाबा साहब पुरंदरे नेशिवाजी महाराज के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाया। भारत सरकार ने पद्म विभूषण से और मध्यप्रदेश शासन ने बाबा पुरंदरे जी को कालिदास सम्मान भी दिया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल मध्यप्रदेश के पहले जनजातीय राज्यपाल हैं। उन्होंने जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये अपना पूरा जीवन खपा दिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में आज के दिन हम यह संकल्प भी ले रहे हैं कि राष्ट्र के विकास के लिए दिन-रात मेहनत करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रारंभ में समस्त राष्ट्रवासियों को बिरसा मुंडा जयंती और आजादी के अमृत महोत्सव की बधाई दी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में जनजाति गौरव की पुनर्स्थापना की है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को पूरे भारत वर्ष में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में हर वर्ष मनाये जाने का निर्णय ऐतिहासिक है। भगवान बिरसा मुंडा का सम्मान समूची जनजाति का सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा भोपाल में नव-निर्मित रेलवे स्टेशन का नाम जनजातीय रानी कमलापति के नाम पर किये जाकर उत्कृष्ट कार्य किया गया है। मैं प्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन वस्तुत: जनजातियों की जिंदगी बदलने का अभियान है। यह जनजातियों के कल्याण, सम्मान एवं गौरव के लिये सरकार द्वारा लिया गया संकल्प है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वदेशी वैक्सीन के रूप में हमें जिंदगी का डोज दिया है। सारी दुनिया ने इसकी सराहना की है। उन्होंने हर व्यक्ति के लिये रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई, लिखाई और रोजगार का इंतजाम किया है। उन्होंने डीजल एवं पट्रोल की कीमतों में उल्लेखनीय कमी की। डीएपी खाद की कीमत भी कम की। मोदी जी के राज में कोई भूखा नहीं सोता है। उन्होंने कोरोना काल में नि:शुल्क अनाज दिलवाया। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से हर व्यक्ति के लिये आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। हमने प्रदेश में मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना लागू कर आवास के लिये गरीबों को नि:शुल्क जमीन दिलाने का कार्य किया है। प्रदेश में ढाई करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बन गये हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों और जनजातियों के सबसे बड़े मसीहा हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना की दोनों लहरों में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के गरीब और जनजातीय भाई बहनों के लिए 9857 करोड़ रुपये का मुफ्त राशन उपलब्ध कराया। प्रधानमंत्री श्री मोदी आज राशन आपके गांव योजना का शुभारंभ कर रहे हैं। इस योजना में राशन गाँव- मजरे टोलो, फलियों में पहुँचाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एकलव्य विद्यालय के साथ-साथ गांव-गांव में आश्रम, शाला और छात्रावास बन रहे हैं। फलियों तक बिजली सुविधा का विस्तार हुआ है। हम जनजातीय समाज के उत्थान, आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनभागीदारी से विकास की प्रक्रिया को गति मिलती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब मिलकर मध्य प्रदेश को आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार सरकारी बैकलॉग पदों पर शीध्र भर्ती करेगी। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से स्व-रोजगार के अवसर पैदा किये जा रहे हैं। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये ‘पेसा’ एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। वन समितियों को तेंदूपत्ता बेचने का अधिकार दिया जाएगा। आबकारी नीति में जनजातीय परंपराओं का ध्यान रखा जाएगा। हर गाँव में 4 ग्रामीण कारीगरों को प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, केन्द्रीय योजनाओं, राज्य सरकार की योजनाओं एवं जनता के सहयोग से हम आत्म-निर्भर भारत एवं आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के सपने को शीघ्र साकार करेंगे।

 प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनजाति कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान सर्वप्रथम कार्यक्रम स्थल जंबूरी मैदान पहुँचकर जनजातीय गौरव प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित जनजातीय नायकों की गौरव गाथा और कलाकृतियों का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी के दूसरे हिस्से में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और वन धन केन्द्रों के उत्पादों का भी अवलोकन किया और जनजातीय उद्यमिता को सराहा। प्रधानमंत्री ने इसी दौरान वयोवृद्ध जन-प्रतिनिधि पूर्व मंत्री 103 वर्षीय श्री लक्ष्मी नारायण गुप्ता से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भेंट किया शहीदों की मिट्टी का अमृत कलश

महासम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री मोदी को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के 23 जिलों के 75 जनजातीय रणबाँकुरे शहीदों के शहीद स्थलों की मिट्टी से पूरित अमृत कलश भेंट किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को भोपाल की गोंड रानी कमलापति की प्रतिमा की लघु प्रतिकृति भी भेंट की। प्रसिद्ध जनजातीय लोक चित्रकार पद्मश्री सुश्री भूरी बाई एवं श्री भज्जू सिंह ने अपनी चित्रकृति ‘भाबरी’ और ‘छाँह’ प्रधानमंत्री श्री मोदी को भेंट की।

परंपरागत तरीके से हुआ प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत

महासम्मेलन के मंच पर पहुँचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनजातीय संस्कृति के अनुरूप परंपरागत स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री को तीर-धनुष भेंट किये। प्रधानमंत्री श्री मोदी को कलसिंह भाबर एवं श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने परंपरागत जनजातीय जैकेट पहनाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल मंगुभाई पटेल को वन मंत्री श्री विजय शाह ने बैगा माला व पगड़ी पहनाई। मुख्यमंत्री श्री चौहान को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने बैगा माला एवं पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया। लगभग 425 लोक कलाकारों ने आकर्षक लय ताल के साथ जनजातीय करमा नृत्य प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह मांडवे ने दिया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिंया, खाद्य प्र-संस्करण तथा जल शक्ति प्रहलाद पटेल, सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरूगन, मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, सांसद एवं विधायक आदि उपस्थित थे।

जम्बूरी मैदान हेलीपेड पर भी जनजातीय परम्परा से हुआ स्वागत

महासम्मेलन के पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्टेट हैंगर से जम्बूरी मैदान हैलीपेड पहुँचने पर जनजातीय परम्परा के अनुसार स्वागत किया गया। जनजातीय समुदाय के लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ पारम्परिक नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री के जम्बूरी मैदान हैलीपेड आगमन पर राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया, संभागायुक्त भोपाल श्री गुलशन बामरा, विधायक श्रीमती कृष्णा गौर और जन- प्रतिनिधियों ने अभिनंदन कर अगवानी की।

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