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शहर में मैजिक वालों की मनमानी, दिन भर लग रहा जाम

जगह जगह बना लिए स्टैंड, ऑटो चालक भी पीछे नहीं, यातायात पुलिस नहीं कर रही कार्यवाही
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ रहे शहर के कदम में मैजिक चालक रोड़ा बनकर खड़े होने लगे हैं। ऑटो चालक भी कुछ कम नहीं है। इनकी मनमानी की वजह से शहर में जाम की स्थिति बन रही है। यह सब ट्रैफिक पुलिस की आंखों के सामने हो रहा है। बावजूद सफेद वर्दी धारक चालान काट कर जेब भरने में लगे हुए हैं।
कोरोना काल के बाद सामान्य होती शहर की स्थिति में जाम की समस्या सबसे अधिक बढ़ गई है। इन दिनों शादियों का सीजन चलने से पहले ही बाजार में काफी भीड़ बनी हुई है। इसके बीच मैजिक और ऑटो चालकों ने अपनी मनमानी भी शुरू कर दी है। उन्होंने जगह-जगह मैजिक रोकना शुरू कर दिया है जिसके चलते सुबह से शाम तक शहर में जाम की स्थिति बन रही है। सबसे ज्यादा खराब हालत इंदौर गेट से चामुंडा माता चौराहा तक की बनी हुई है। मैजिक चालक इस मार्ग पर रेलवे और बस स्टैंड होने की वजह से अपना वाहन रोक देते हैं और सवारी बैठाने के लिए ड्राइवर तक सड़क पर आ जाता है। जिसके चलते यहां लंबा जाम लगा रहता है। दूसरी ओर नई सड़क से लेकर मिर्जा नईम बेग मार्ग तक इसी तरह के हालात बने रहते हैं। नानाखेड़ा बस स्टैंड पर भी यातायात की हालत काफी खराब बनी हुई है इसकी वजह मैजिक और ऑटो चालक है। शहर में एक तरफ टाटा कंपनी द्वारा सीवरेज लाइन की खुदाई की जा रही है जिसके चलते यातायात प्रभावित बना हुआ है वही मैजिक ऑटो चालकों की मनमानी ने शहरवासियों की समस्या को दोगुना कर दिया है। स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते शहर के कदम के बीच यातायात व्यवस्था सबसे खराब बनी हुई है।
देखते रहते हैं सफेद वर्दी धारक
शहर की यातायात व्यवस्था का जिम्मा सफेद वर्दी पहने पुलिसकर्मियों पर होता है जिनके साथ कुछ खाकी वर्दी धारण अपनी बाइक और बुलेट खड़ी कर उस पर बैठ जाते हैं। सफेद वर्दी पहने तीन से चार पुलिसकर्मी एक के बाद एक बाइक चालक और चार पहिया वाहनों को रोकना शुरू कर देते हैं। यह जिस जगह खड़े होते हैं वह जिस स्थान पर जाम की स्थिति बनती है वहीं इनकी आंखों के सामने ऑटो और मैजिक चालक भी मनमानी से अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। शहर की यातायात व्यवस्था सबसे अधिक इन्हीं पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने बिगड़ती रहती है लेकिन यह राजस्व और अपनी जेब भरने के काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि आम लोगों की चिंता नहीं रहती।

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