Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

नई दिल्ली। गलवान झील में गतिरोध वाली जगह से पांच किमी की दूरी पर सैनिकों को इकट्ठा करने वाली चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को अब अपने सैनिकों को वापस बुलाना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए करना होगा, क्योंकि झील के जल स्तर में इजाफा हुआ है। झील के किनारे में बाढ़ के हालात बन गए हैं। एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर ने कहा कि अक्साई चिन क्षेत्र से आने वाली बर्फीले-ठंड के बाद गलवान घाटी बर्फ से ढंक गई थी जो तापमान में वृद्धि के कारण पिघल रही है और गलवान नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ गया है। तेज गति से बर्फ पिघलने से नदी के तट की स्थिति खतरनाक हो गई है। उपग्रह और ड्रोन ने नदी के तट पर चीनी टेंटों के बढ़ने का संकेत दिया था। भारत और चीन की सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को बीच पांच मई से शुरू गतिरोध को कम करने के लिए तीन राउंड बातचीत हो चुकी है। इस तरह की कवायद शुरू करने पर व्यापक समझौते भी हुए। लेकिन पहले समझौते के दस दिन बाद यानी 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। लेकिन सैन्य कमांडर ने कहा कि चीन के लिए गलवान, गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगोंग त्सो में वर्तमान पोजिशन को बरकरार रखना कठिन होगा।

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