Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890
News That Matters

पहले दिन ही झिंझर से हुई मौतों को स्वीकारते, तो बाकी की जानें बचाई जा सकती थी-कांग्रेस

धर्म नगरी उज्जयिनी को मौतों की नगरी बना दिया जिला प्रशासन व पुलिस विभाग ने…
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जयिनी को विगत कुछ माह और बीते दो दिनों में यहां से जिला प्रशासन व पुलिस की लापरवही ने मौतों की नगरी में तब्दील कर दिया। जहरीली शराब के विषय हुई कुल 14 मौतों के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की प्रेस वार्ता में यह बात कांग्रेस विधायको व नेताओं ने कही है।
कांग्रेस ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि वह अपने कुंभकरण की नींद से समय पर जागा ही नहीं। कांग्रेस शुरू से ही अवैध जहरीली शराब के विक्रय के मुद्दे को उठाती आई है और 14 अक्टूबर को भी जब जहरीली शराब पीने से लोगों की जानें गई तब जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन मानने को ही तैयार नहीं था। उनकी मौत जहरीली शराब जिंजर से हुई है। पहले वह विसरा रिपोर्ट सागर लैब में भेजकर रिपोर्ट आने का इंतजार करता रहा और अधिकारी कहते रहे की तभी पुष्टि होगी। यदि जिला प्रशासन उसी दिन 14 अक्टूबर की देर शाम से ही हरकत में आकर जाग जाता और यह तथ्य स्वीकार कर लेता कि झ्ंिाझर ही लोगों की जान जाने का कारण है तो उसी रात से गरीब मजदूरों को ढूंढकर या जो अस्पताल में भर्ती थे उनका तुरंत उनका उपचार कराकर बाकी की 6-7 जिंदगियां बचा सकता था क्योंकि उन गरीब मजदूरों के भी घर पर रोने वाले हैं।
जब से नोटो के दम पर भाजपा की जुगाड़ू सरकार बनी है। माफिया, सूदखोर, मिलावट खोर, शराब माफिया पूरे प्रदेश मे पनप रहे हैं। विगत कुछ माह में इस शहर में माफियाओं का आतंक चरम पर है सूदखोरों का आतंक चरम पर है और कांग्रेस का आरोप प्रमाणित भी हुआ है कि यह लोग भाजपा से जुड़े हुए लोग ही इस में अपराधियों के रूप में निकल रहे हैं जो कि अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर भी हैं। सूदखोरों के आतंक के कारण कई जानें चली गई है,कई लोगों ने आत्महत्या कर ली हैं। कलेक्टर के पास 500 शिकायत लम्बित है, और अवैध शराब की बिक्री में कलेक्टर आबकारी विभाग भी पूर्ण रूप से जिम्मेदार है जिसकी सहमति से ही अवैध शराब बिक सकती है। पुलिस के, जिला प्रशासन के और आबकारी के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी होना चाहिए। जिले मे थानो की पोस्टिंग की बोलिया लगाई जा रही। ऊंची किमत ऊंचा थाना। और दूसरी सबसे बड़ी विडंबना यह है कि भाजपा राज में सरकारी विभाग के कर्मचारी भी झिंझर बेचने मे लिप्त हैं और पुराने सरकारी निगम कार्यालय की बिल्डिंग में ही झिंझर बेचने का कारोबार चलता रहा और पुलिस प्रशासन का उन्हें सरंक्षण भी प्राप्त था।

जिसके चलते वह बेखौफ होकर शराब बेचते रहे। अब जिला प्रशासन लीपापोती करने के लिए निर्दोष मेडिकल व्यापारियों के छापे डाल रहा है जो अपना बिल से माल लेते हैं और बिल से बेचते हैं। दिखावे के लिए और ध्यान भटकाने के लिए झूठी कारवाही बंद करें प्रशासन। एक तरफ पुलिस और जिला प्रशासन झिंझर से हुई मौतों को नकारते रहे दूसरी तरफ राज्य सरकार ने लोगों की मौतों का कारण झिंझर ही माना और जांच समिति गठित कर दी। उच्चस्तरीय जांच धिकारियो को सबसे पहले कलेक्टर और एसपी उज्जैन को हटाना चाहिये ताकि जांच निष्पक्ष हो सके,जिसकी उम्मीद कांग्रेस को कम है। उज्जैन के प्रभारी और प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा जो पूरे घटनाक्रम पर मूकदर्शक की तरह अपना रोल निभाते आ रहे हैं उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस मांग करती है कि प्रदेश के गृहमंत्री बिना विलंब किए इस्तीफे की घोषणा करें। प्रदेश सहित उज्जैन का पूरा तंत्र भ्रष्टाचार में लिप्त है उच्च स्तर के आला अधिकारी अपने चहेते मातहत अधिकारियों की पोस्टिंग यहां करा रहे हैं और उन के माध्यम से भ्रष्टाचार कर रहे हैं। अभी जिला प्रशासन द्वारा एक और बड़े घोटाले की तैयारी की जा रही है। सिंहस्थ के लिये अधिसूचित आरक्षित क्षेत्र को भाजपा के बड़े नेताओं के इशारों पर कुछ चुनिंदा बेशकीमती जमीन है जिनके मालिक भाजपा नेता है उन्हें मुक्त करने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में भीे तथ्य सामने रखे जाएंगे। प्रेस वार्ता में विधायक रामलाल मालवीय, मुरली मोरवाल, महेश परमार बटुक शंकर जोशी, प्रताप मेहता, कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल पटेल, प्रदेश प्रवक्ता विवेक गुप्ता, सोनु शर्मा, राजेश तिवारी, सुरेन्द्र मरमट आदि मौजूद थे। विधायक रामलाल मालवीय, मुरली मोरवाल एवं महेश परमार ने जहरीली शराब से हुई 14 मौतों के लिए जिम्मेदार कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी मनोज सिंह को तत्काल हटाने की मांग की एवं प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है साथ ही संपूर्ण घटनाक्रम की न्यायिक जांच की एवं मृतकों के परिवार को 10 लाख प्रत्येक को मुआवजा देने की सरकार से मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: