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भाई दूज: बहनों ने तिलक लगाकर की लंबी उम्र की कामना

माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
दीपावली के 2 दिन बाद भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। आज इसी परंपरा में बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर लंबी उम्र की कामना की। दीपोत्सव के बाद धार्मिक नगरी में भाई दूज की रौनक सुबह से ही बनी हुई थी।

पांच दिवसीय दीपोत्सव की परंपरा में धनतेरस से पर्व की शुरुआत हुई थी। आज भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन पर्व के बाद भाई-बहन के बीच मनाया जाने वाला यह दूसरा पर्व है। आज सुबह से ही शहर में इसकी रौनक दिखाई देने लगी थी। रक्षाबंधन पर बहने भाइयों के घर पहुंचती है और रक्षा सूत्र बांधते हैं लेकिन भाई दूज पर भाइयों को बहनों के घर पहुंचना होता है। वर्षों से चली आ रही परंपरा में आज बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की है। दीपावली की तैयारियों के साथ ही भाई दूज की तैयारियां भी पूरी कर ली गई थी। भाई अपने पूरे परिवार के साथ बहनों के यहां पहुंच रहे थे। शुभ मुहूर्त में बहनों ने तिलक लगाकर भाइयों का पूजन किया और परिवार के साथ भोजन की परंपरा को निभाया गया। यह पर्व देर शाम तक बना रहेगा। इसके साथ ही दीपावली का समापन भी हो जाएगा। अब आगामी ग्यारस पर एक बार फिर दीपों की रोशनी से शहर जगमग दिखाई देगा। आगामी ग्यारस देवउठनी ग्यारस के रूप में मनाई जाएगी। इसके साथ ही विवाह मुहूर्त की शुरुआत भी हो जाएगी।
ऐसे हुई भाई दूज की शुरुआत
भाई दूज के विषय में एक पौराणिक मान्यता के अनुसार यमुना ने इसी दिन अपने भाई यमराज की लंबी आयु के लिए व्रत किया था और उन्हें अन्नकूट का भोजन खिलाया था। कथा के अनुसार यम देवता ने अपनी बहन को इसी दिन दर्शन दिए थे। यम की बहन यमुना अपने भाई से मिलने के लिए अत्यधिक व्याकुल थी। अपने भाई के दर्शन कर यमुना बेहद प्रसन्न हुई। यमुना ने प्रसन्न होकर अपने भाई की बहुत आवभगत की।
भाई दूज मनाने की प्रथा
यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन अगर भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेगें तो उन्हें मुक्ति प्राप्त होगी। इसी कारण से इस दिन यमुना नदी में भाई-बहन आस्था की डुबकी लेते हैं। इसके अलावा यम ने यमुना ने अपने भाई से वचन लिया कि आज के दिन हर भाई को अपनी बहन के घर जाना चाहिए। तभी से भाई दूज मनाने की प्रथा चली आ रही है।
थका हुआ नजर आया बाजार
सोमवार को बाजार थका हुआ नजर आ रहा था। दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव में फ्रीगंज से लेकर गोपाल मंदिर तक खरीदारी के लिए लोग उमड़ पड़े थे बाजार में पैर रखने की जगह नहीं थी। दीपोत्सव के समाप्त होते ही बाजार की रौनक खत्म हो चुकी थी। आज सुबह से बाजार थका हुआ नजर आ रहा था। शहर के फुटपाथ पर लगी दुकाने दिखाई नहीं दे रही थी वहीं कई प्रतिष्ठान और दुकाने भाई दूज का पर्व होने पर नहीं खुली थी। बाजार में खुली हुई दुकानों पर ग्राहक गिनती के नजर आ रहे थे। 2 दिन पहले तक जहां दुकानदारों को सुबह से लेकर देर रात तक फुर्सत नहीं मिल रही थी वहां आज सुस्ती छाई हुई थी। वैसे दीपावली के बाजार में हर किसी के चेहरे खिल उठे थे अब आम दिनों की तरह बाजार में चहल-पहल बनी रहेगी।

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