Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890
News That Matters

सृष्टि का भार सौंपने कल रात हर पहुंचेंगे हरि के दरबार

धारा 144 के बीच होगा मिलन, हिंगोट, आतिशबाजी पर रहेगा प्रतिबंध

माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
वैकुंठ चतुर्दशी शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन सृष्टि का भार सौंपने के लिए हर हरि के दरबार पहुंचेंगे। यह अद्भुत नजारा धार्मिक नगरी में प्रतिवर्ष परंपरानुसार मनाया जाता है। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते हरि-हर मिलने की परंपरा धारा 144 के बीच होगी।

धार्मिक नगरी में हरि-हर मिलन का अद्भुत नजारा भव्य स्वरूप में प्रतिवर्ष दिखाई देता है लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते हरि-हर मिलने की परंपरा में सीमित संख्या में पंडे-पुजारी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। आम लोगों को हरि-हर मिलन के दौरान निकलने वाली महाकाल मंदिर से हर की सवारी में शामिल होने की अनुमति नहीं रहेगी। कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन ने धारा 144 लागू की है। जिसके चलते कल रात महाकाल मंदिर से हर पालकी में सवार होकर रात 12 बजे के लगभग गोपाल मंदिर स्थित हरि के दरबार पहुंचेंगे। वैकुंठ चतुर्दशी पर परंपरा रही है कि हर सृष्टि का भार हरि को सौंपकर कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान करेंगे। इस परंपरा में ही हरि-हर मिलन का आयोजन किया जाता है। वैकुंठ चतुर्दशी से सृष्टि का भार हरि संभालेंगे। एसडीएम नरेन्द्र सूर्यवंशी ने आदेश जारी कर हरि-हर मिलने के दौरान होने वाली आतिशबाजी और हिंगोट पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विदित हो कि हरि हर मिलन के दौरान प्रतिवर्ष जमकर आतिशबाजी की जाती है और हिंगोट चलाए जाते हैं। इस बार यह नजारा दिखाई नहीं देगा। सवारी मार्ग पर बेरीकेट्स लगाए जाएंगे। जिसमें प्रवेश करने की अनुमति आम लोगों को नहीं दी जाएगी।
बिल्व पत्र और तुलसी की माला का आदान-प्रदान
हरि-हर मिलन के दौरान हर की पालकी हरि के दरबार पहुंचेगी। जहां पुजारियों द्वारा बाबा महाकाल और गोपालजी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। उसके बाद हर बिल्व पत्र की माला हरि को सौंपेंगे वहीं हरि द्वारा तुलसी की माला हर को सौंपी जाएगी। इस दौरान विशेष मंत्रोच्चार के साथ सृष्टि का भार सौंपने की परंपरा का निर्वहन भी किया जाएगा। हरि-हर मिलने के दौरान गोपालजी को मिष्ठान, सूखे मेवे तथा फलों की भेंट हर द्वारा सौंपी जाएगी। रात में ही हर की पालकी महाकाल मंदिर के लिए लौट आएगी। प्रतिवर्ष हरि-हर मिलने के बाद गोपालजी का दरबार आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते आम श्रद्धालु मंदिर में दर्शन पूजन नहीं कर पाएंगे। मंदिर में पंडे पुजारी और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ही पूजा-अर्चना का निर्वहन किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: