Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890
News That Matters

डॉक्टर ने पकड़ा था दुष्कर्म के आरोपी बनाए गए आरक्षक के स्पर्म बदलने का मामला

षड्यंत्र उजागर होने के बाद पुलिस और डॉक्टर के बीच हुई थी कहासुनी
उज्जैन। युवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाले आरक्षक को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। जहां दो आरक्षको की मदद से स्पर्म बदलने का प्रयास किया गया था। मामला उजागर होने पर दबाने का प्रयास किया था। डॉक्टर और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी।
विदित हो कि सार्थक नगर में रहने वाली युवती ने पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी। मामला चिमनगंज थाने में दर्ज होने के बाद जांच के लिए नीलगंगा थाने पहुंचा था। शनिवार रात आरक्षक को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया जहां इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉ. अजय दिवाकर ने मेडिकल परीक्षण के दौरान स्पर्म और ब्लड सैंपल देने की प्रक्रिया में दस्तावेजी कार्रवाई शुरू की। इस दौरान सामने आया कि जिसका मेडिकल परीक्षण होना है उसके स्थान पर उसके चचेरे भाई ने स्पर्म दिया है। डॉक्टर ने गड़बड़ी को पकड़ लिया जिसमें नीलगंगा थाने के और महिला थाने के आरक्षक की भूमिका संदिग्ध सामने आई। स्पर्म बदलने का मामला उजागर होने पर आरोपी बनाए गए आरक्षक को अस्पताल लेकर आई महिला एसआई ने नीलगंगा टीआई को मामले की जानकारी दी। अस्पताल पहुंचने पर टीआई ने डॉ दिवाकर से जानकारी ली। इस दौरान डॉक्टर ने दूसरे युवक द्वारा दिए गए स्पर्म को जप्त कर लिया। जिसके चलते डॉक्टर और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। डॉक्टर अजय दिवाकर ने बताया कि पुलिस ने पहले उन्हें स्पर्म जप्त करने के अधिकार के बारे में पूछा। उसके बाद मामले को शासकीय कार्य में बाधा डालने का बनाने की बात कही। डॉ दिवाकर ने मामले की जानकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दी है। डॉ दिवाकर ने बताया कि उन्होंने जप्त स्पर्म के संबंध में सीएससी से भी चर्चा की है। पुलिस अगर लिखित आदेश में जप्त स्पर्म मांगेगी तो वह पुलिस को देने के लिए तैयार है। बिना लिखित आदेश से वह स्पर्म नहीं सौंपेंगे। डॉक्टर ने बताया कि जब आरोपी बनाए गए आरक्षक को मेडिकल के लिए अस्पताल लाया गया था तो सभी ने मास्क लगा रखा था। आरोपी आरक्षक ने मंकी कैप पहन रखी थी। शंका होने पर मास्क और मंकी कैप निकालने की बात कही गई तो पुलिस से कहासुनी भी हुई। सभी को कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे के सामने खड़ा कर कर माक्स निकलवाए गए थे।
दोनों आरक्षक और युवक को भेजा जेल
दुष्कर्म के आरोपी बनाए गए आरक्षक का मेडिकल परीक्षण के दौरान स्पर्म बदलने का मामला उजागर होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नीलगंगा थाने के आरक्षक घनश्याम और महिला थाने के आरक्षक तबरेज पर प्रकरण दर्ज करते हुए पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। मामले में स्पर्म देने वाले आरोपी बनाए गए आरक्षक के चचेरे भाई को भी गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को न्यायालय में पेश करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया है।
इनका कहना है
मेडिकल के दौरान स्पर्म बदलने का मामला महिला जांच अधिकारी ने पकड़ा था। मामले की विभागीय जांच की जाएगी। दोनों आरक्षक और स्पर्म देने वाले युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
सत्येंद्र कुमार शुक्ला, एसपी

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: