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धार का चर्चित थाना राजोद, जहां के प्रभारी महिला नेत्री के निशाने पर

सरदारपुर(आजाद अग्निहोत्री):- हमेशा से ही चर्चा में रहने वाला सरदारपुर तहसील का थाना राजोद, अब महिला नेत्री आशा आशीष शर्मा के निशाने पर आ गया है। इस बार महिला नेत्री आशा आशीष शर्मा ने अपने निशाने पर थाना प्रभारी राजोद को लिया हुआ है। अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए कुछ भी कर गुजरने को तत्पर थाना हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। यहां पर समय समय पर अधिकारी जरूर बदले गए पर थाने के क्रिया-कलापों में कभी कोई बदलाव नहीं देखा गया। अवैध धंधेबाजों के लिए वरदान साबित होने वाले थाने में यदि कोई सुधार देखा गया है तो वो समय तत्कालीन एसपी श्री राजेश हिंगणकर साहब Bका कार्यकाल रहा है। अब यहां पर फरियादी को अपनी फरियाद दर्ज करवाने में एड़ी चोटी का जोर लगाते देखा जा सकता है। अक्सर यहां के लोगों को जिला मुख्यालय धार पहुंचकर एसपी साहब को फरियाद करना पड़ती है, तब कहीं जाकर फरियादी की रिपोर्ट दर्ज हो पाती है। मानवीय संवेदनाओं के मामले में भी यह थाना, धार जिले के थानों की कतार में सबसे पीछे खड़ा दिखाई पड़ता है।

अभी दो दिन पूर्व की बात करें तो शराब के नशे में धुत्त एक व्यक्ति को पुलिस ने रात्रि में पकड़ कर लॉकअप में बंद किया था, जिसे पूरी रात बिना खिलाये-पिलाये रखा व दूसरे दिन 12 बजे तक कुछ भी आहार नहीं दिया गया। जबकि पुलिस अधिकारियों के मुख से ही कहा- सुना जाता है कि घृणा अपराध से करो, अपराधी से नहीं। ऐसा नहीं कि इस थाने में मानवीय संवेदनाओं से भरे अधिकारी नहीं पदस्थ हुए, पर ऐसे अधिकारी वर्षों पूर्व देखे जाते थे। वर्षों पूर्व इस थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक राजू रैकवार, जो अब इस दुनिया में नहीं है, से यह प्रतिनिधि भली- भांति परिचित है, जब रैकवार राजोद थाने पर पदस्थ थे, तब उनकी एक विशेष दिनचर्या हुआ करती थी, वे हमेशा रात 11 बजे बाद लॉकअप की ओर जाते व लॉकअप में बंद आरोपियों से उनके खाने के बारे में जानकारी लेकर, भोजन करवा कर ही शयन के लिए जाते थे, लेकिन आज की स्थिति यह बन गई है कि लॉकअप में बंद आरोपी ने खाना खाया है या नहीं खाया, वह कब से भूखा है, इस बात से थाने में पदस्थ किसी भी कर्मचारी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। बरमण्डल के नजदीक की एक नाबालिक बच्ची करीब दो माह से गायब है, परिजन थाने के कई चक्कर काट चुके हैं, यहां तक कि धार एसपी कार्यालय भी धोक लगा आये है, पर उनकी रिपोर्ट अब तक दर्ज नहीं हो पाई है। एक अन्य मामले में साजोद का एक व्यक्ति अपनी बेटी को परेशान करने वाले युवक से परेशान है, कई बार थाने के चक्कर लगा चुका हैं, पर पुलिस तो पुलिस है, खाली-पीली चकरी घुमा रही हैं। पुलिस के ऐसे क्रिया-कलापों को देख दत्तिगांव समर्थक आशा आशीष शर्मा ने अब थाना प्रभारी राजोद के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है व सोसल मीडिया पर थाना प्रभारी की निष्क्रियता को निशाना बनाया है। आशा आशीष शर्मा ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि “राजोद थाना प्रभारी महोदय महिला शक्ति सब पर भारी होती है और आपके थाना क्षेत्र में महिलाओं और बेटियों की ही नहीं सुनी जा रही है, माँ-बहनों के लिए भी कुछ करोगे या केवल रसूखदारों के पैरों की जूतियां ही बन कर रहोगे, कब आएगी आपके थाने में महिला पुलिस और कब महिला हित में काम करोगे? महिला नेत्री के वाजिब प्रश्नों का जवाब दे पाएगा राजोद थाना?

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