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घातक साबित हुई चायना डोर, कई लोगों के कटे गले
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

मकर संक्रांति पर घातक चायना डोर लोगों पर कहर बनकर टूटी है। कई लोगों के गले और चेहरे कट गए। प्रशासन को कुछ दिनों का नहीं हमेशा के लिए चायना डोर पर प्रतिबंध लगाना होगा। जहां मानव जाति चायना डोर की शिकार बनी है वहीं पक्षियों के लिए भी डोर मुसीबत बनी नजर आ रही है।

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पतंगबाजी के लिए चायना डोर का उपयोग प्रशासन के प्रतिबंध के बावजूद जमकर हुआ है। जिसका नतीजा कल सुबह से लेकर देर शाम तक सामने आया। प्रशासन ने कुछ दिन के लिए चायना डोर पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन जिस तरह से कल घटनाएं घटित हुई हैं उसे देखते हुए अब चायना डोर को हमेशा के लिए प्रतिबंधित करना ही सही होगा। चायना डोर से सबसे ज्यादा खतरनाक हादसा राजस्थान के छात्र गोलू मीणा और उसके दोस्त सुनील के साथ हुआ। दोनों महाकाल दर्शन करने के लिए आए थे। बाइक पर सवार होकर वापस लौटते समय मक्सी रोड पर गोलू का गला कट गया। जिसे 8 से अधिक टांके लगाए गए हैं। साथी सुनील की अंगुली भी कट चुकी थी। इन दोनों के साथ हुई घटना के बाद 8 से 10 अन्य युवक भी चायना डोर का शिकार बने हैं। जिसमें गणेश कालोनी निवासी सूरज पिता मेहरबान, अभिषेक नगर निवासी अंकित शर्मा, अर्पिता कालोनी का विकास यादव, काजीपुरा का रहने वाला कुणाल परमार, तिलकेश्वर कालोनी की बालिका छाया माली चायना डोर की चपेट में आई है। विदित हो कि मकर संक्रांति से पूर्व कुछ घटनाएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने डोर पर प्रतिबंध लगाते हुए लाखों रुपए कीमत की चायना डोर को बरामद किया था। बावजूद इसके शहर में चायना डोर का जमकर उपयोग पतंगबाजी के लिए किया गया है। पिछले कुछ सालों से चायना डोर घातक रूप से सामने आ रही है। जिस पर कुछ दिनों का प्रतिबंध काफी नहीं है। जिला प्रशासन को हमेशा के लिए इस डोर पर प्रतिबंध लगाना होगा। मानव जाति के साथ ही चायना की डोर अब पक्षियों के लिए मुसीबत बनी नजर आएगी। कटी पतंग के बाद पेड़ों पर उलझी डोर में पक्षी फंसकर अपनी जान गंवाएंगे। जिसका नतीजा आगामी एक दो दिन में सामने आने लगेगा।