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वीर सपूत को अंतिम नमन करने के लिए उमड़ा सैलाब

तिरंगे ध्वज के साथ निकली अंतिम यात्रा, चक्रतीर्थ पर दी सलामी
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

भारतीय जलसेना में पदस्थ शहर के वीर सपूत की हृदयगति रूकने से थमी सांसे शहरवासियों की आंखें नम कर गई। आज सुबह अंतिम नमन करने के लिए अंतिम यात्रा में सैलाब उमड़ पड़ा।
राजेन्द्र नगर में रहने वाले नंदवल्लभ पांडे के 27 वर्षीय पुत्र भास्कर पांडे भारतीय जलसेना में अपनी सेवा देने के लिए वर्ष 2012 में ट्रेनिंग प्राप्त कर पोर्टब्लेयर अंडमान निकोबार में पदस्थ हुए थे। 9 वर्षों की सेवा के बाद उनकी पदस्थी विशाखापट्टनम में हुई थी।

19 जनवरी को अचानक हृदयगति रूकने से धार्मिक नगरी के वीर सपूत का निधन हो गया। दुखद खबर शहर में पहुंची तो परिवार के साथ शहरवासी गमगीन हो गए। आज सुबह वीर सपूत भास्कर की पार्थिव देह सम्मान के साथ महू स्थित मिलेट्री केम्प से उनके निवास स्थान राजेन्द्र नगर लाई गई। जहां परिवारजनों ने अंतिम दर्शन किए। मिलेट्री के वाहन में वीर सपूत का शव रखकर अंतिम यात्रा शुरू की गई। इस दौरान शहरवासी नमन के लिए हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर आ गए। देशभक्ति गीतों के साथ अमर शहीद के नारों से शहर गूंज उठा। जैसे-जैसे शवयात्रा राजेन्द्र नगर से चक्रतीर्थ की ओर बढ़ रही थी सड़कों पर वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्प वर्षा की जा रही थी। राजेन्द्र नगर से चक्रतीर्थ मार्ग तक पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल रखा था। शहरवासी देशभक्ति की भावना में डूबे अपनी आंखों को नम किए हुए थे। चक्रतीर्थ पर सैनिक सम्मान के साथ वीर सपूत को सलामी दी गई। उसके बाद मुखाग्नि देकर अंतिम नमन किया गया। वीर सपूत की अंतिम यात्रा में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। वहीं तराना विधायक महेश परमार ने उनके निवास स्थान पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।


पिता आबकारी विभाग में, भाई मैकेनिकल इंजीनियर
बताया गया है कि वीर सपूत भास्कर पांडे के पिता आबकारी विभाग में अकाउंटेंट हैं। मां बीना पांडे गृहणी हैं। वीर सपूत का छोटा भाई मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा है। परिवार में दो बहनें भी हैं। परिजनों के अनुसार उन्हें 8 जनवरी को सुबह भास्कर की तबीयत खराब होने की खबर मिली थी। माता-पिता और छोटी बहन विशाखापट्टनम पहुंचे थे। उपचार के दौरान वीर सपूत का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता रहा और 19 जनवरी की सुबह सांसें थम गई। विशाखापट्टनम से नेवी के वायुयान से वीर सपूत को महू स्थित मिलेट्री हॉस्पिटल लाया गया जहां नेवी के अधिकारियों ने पूरे सम्मान के साथ पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान के लिए आज सुबह रवाना किया। नेवी और मिलेट्री के कुछ अधिकारी और जवान भी उज्जैन अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।

सब मरीन स्पेशल सर्विसेस सेक्शन में पदस्थ था वीर सपूत भास्कर
धार्मिक नगरी का वीर सपूत देशसेवा के लिए नेवी में शामिल हुआ था। वह सब मरीन स्पेशल सर्विसेस सेक्शन में पदस्थ था। पहली पोस्टिंग के बाद मुम्बई, कोच्ची, गोवा में अपनी सेवाएं दी। कुछ साल पहले ही विशाखापट्टनम में पोस्टिंग हुई थी। आज सुबह जैसे ही पार्थिव देह घर पहुंची मां अपने बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर रो पड़ी। वह इतनी बदहवास हो चुकी थी कि बेहोश हो गई।

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