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मौसम की सबसे ठंडी गुजरी रात, न्यूनतम 5 डिग्री

माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
सर्द मौसम की सबसे ठंडी बीती रात रहे तापमान ने ढाई डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सुबह का मौसम भी ठिठुरन भरा था। धूप खिलने के बाद ठंड से राहत मिलने लगी थी।
उत्तर दिशा की हवा से मौसम पिछले कुछ दिनों से सर्द बना हुआ है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। बीती रात 5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है जो मौसम की सबसे सर्द रात में शामिल रहा। कई सालों बाद न्यूनतम तापमान में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई है। बीती शाम हवा की गति हुई 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा की होने से लोग ठिठुर चुके थे। आज सुबह हवा की गति शून्य हो चुकी थी। सूर्योदय के बाद हवा की गति में रफ्तार आना शुरू हो गई थी। दोपहर में धूप के साथ हवा की गति दो से 3 किलोमीटर प्रति घंटा की हो चुकी थी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री दर्ज हुआ था। जीवाजीराव वेधशाला के अनुसार हवा का रुख बदलने के बाद भी ठंड से कुछ राहत मिल पाएगी। इस बार फरवरी माह के 15 दिन भी ठंड के बीच गुजरने की आशंका बनी हुई है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
जनजीवन पर पढ़ रहा असर
मौसम के लगातार सर्द बने रहने से जनजीवन प्रभावित नजर आ रहा है। लोग गर्म कपड़ों में दिखाई दे रहे है। शाम ढलते ही अलाव जलाए जा रहा है। सुबह बाजार देरी से खुल रहा है, शाम ढलने पर अधिकांश दुकानें बंद हो रही है। ठंड से बचने के सभी जतन लोगों द्वारा किया जा रहा है। ठंड का असर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक होता दिखाई दे रहा है। सर्दी जुखाम और मौसम की बीमारी के चलते लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। ठंड की वजह से सब्जी की फसलों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन गेहूं की फसल अच्छी होने की उम्मीद जताई गई है।
सड़कों पर ठिठुर रहे लोग
दिसंबर माह में ठंड बढऩे के बाद नगर निगम ने सड़कों पर जीवन यापन करने वाले लोगों को रेन बसेरा तक पहुंचाने के प्रयास शुरू किए थे जो इस कड़ाके की ठंड में दिखाई नहीं दे रहे हैं। नगर निगम द्वारा शुरू की गई अलाव जलाने की व्यवस्था भी बुझी हुई नजर आ रही है। अब भी कई लोग रात के समय फुटपाथ पर देखे जा रहे हैं। रेन बसेरा में उन्हें जगह नहीं मिल पा रही है। कुछ सामाजिक संस्थाओं द्वारा उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाए गए हैं लेकिन प्रशासन की योजनाएं सड़कों पर जीवन यापन करने वालों तक नहीं पहुंच पा रही है।

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