Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890
News That Matters

लेखाधिकारी के रूप में हुआ था अपर आयुक्त वित्त धाकड़ का तबादला

मुरैना में पदस्थापना के दौरान तत्कालीन निगमायुक्तने जारी किया था नोटिस
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

नगर निगम की छवि धूमिल कर रहे हैं अपर आयुक्त वित्त का कुछ माह पूर्व उज्जैन में लेखा अधिकारी के रूप में तबादला हुआ था। लेकिन जुगाड़ से उसने वित्त विभाग का पद हथिया रखा है। कतिपय ठेकेदारों द्वारा उसे संरक्षण देने में लगे हुए हैं।
सूत्र बता रहे हैं कि कुछ महापौर व मुरैना से गणेशीलाल धाकड़ का तबादला उज्जैन नगर निगम में लेखा अधिकारी के रूप में हुआ था। मुरैना में पदस्थ रहने के दौरान किसकी कार्यशैली को लेकर मुरैना के तत्कालीन निगम आयुक्त द्वारा इसे नोटिस जारी किया गया था और स्थापना विभाग से हटा दिया गया था। तत्कालीन मुरैना निगमायुक्त ने 29 जून 2019 को 24 घंटे में उपस्थित होने का आदेश भी दिया था। उसके बाद वित्त विभाग से परिवहन कार्यालय में तबादला किया गया था। बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं होने पर उज्जैन नगर निगम तबादला किया गया। लेकिन यहां भी जुगाड़ से अपर आयुक्त वित्त का प्रभार हथिया कर निगम की छवि को धूमिल किया जा रहा है। जिस तरह से मुरैना में फाइलों को रोककर दबाव बनाया जाता था उसी तरह का काम यहां नगर निगम में किया जा रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि महाकुंभ सेहत के दौरान निगम के कामों में घोटाले करने वाले ठेकेदारों को राजनीतिक दबाव से धाकड़ ने अपने खेमे में मिला लिया जो इसके लिए निगम में जुगाड़ के सभी कामों को पूरा कर रहे हैं। ईमानदारी से काम करने वाले निगम के ठेकेदार एक की कार्यशैली के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं। निगम आयुक्त को भी इसकी कार्यशैली की जानकारियां लगातार मिल रही हैं जिस पर संभवत: जल्दी ही संज्ञान लिया जा सकता है।
ट्रैक्टर खरीदी घोटाले की भी चर्चा
सूत्र बता रहे हैं कि जुगाड़ी लाल गणेशी लाल धाकड़ ने नगर निगम में दस्तक देने के बाद वर्कशॉप में हुई ट्रैक्टर खरीदी में भी घोटाले बाजी की है जिसकी चर्चाएं निगम के गलियारों में सुनाई देने लगी है। निगम आयुक्त इसकी कार्यशैली पर गंभीरता से संज्ञान ले तो कई गड़बडिय़ों का मामला उजागर हो सकता है। मुरैना नगर निगम से इसकी जानकारी जुटाने पर कई राज सामने आ सकते हैं। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया तो मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: