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ट्रेनिंग आफिसरों की ड्यूटी बच्चों को ट्रेनिंग देने में ही लगाई जाये-संभागायुक्त

वनाधिकार के निरस्त पट्टों पर पुनर्विचार कर पात्र दावेदारों को लाभ दिया जाये -संभागायुक्त

उज्जैन। उज्जैन संभागायुक्त संदीप यादव ने आज संभागीय समीक्षा बैठक में कौशल विकास विभाग के संयुक्त संचालक को निर्देश दिये कि उज्जैन संभाग अन्तर्गत शासकीय आईटीआई में कार्यरत ट्रेनिंग आफिसरों की ड्यूटी बच्चों को ट्रेनिंग देने में ही लगाई जाये। हो यह रहा है कि कुछ ट्रेनिंग आफिसरों की ड्यूटी कौशल विभाग के कार्यालय में लगाई गई है। संभागायुक्त ने इस स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि ट्रेनिंग आफिसरों का मुख्य कार्य आईटीआई के छात्रों को विविध कौशल एवं क्षमता की ट्रेनिंग देने का है। उनसे ट्रेनिंग देने का ही कार्य लिया जाये। अन्य कार्यालय का कार्य न कराया जाये। संभागायुक्त ने संयुक्त संचालक आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिये कि वे वनाधिकार दावों के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन जो निरस्त हुए हैं, उन पर पुनर्विचार कर वैध पाये गये दावेदारों को वनाधिकार के पट्टे प्रदान करना सुनिश्चित करें। निरस्त हुए वनाधिकार दावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें, ताकि पात्र लोगों को लाभ मिल सके। उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त ने मंगलवार को कौशल विकास विभाग, आदिवासी विकास विभाग, लोकशिक्षण, परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली।

संभागायुक्त श्री यादव ने कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी ली। बताया गया कि उज्जैन संभाग अन्तर्गत 29 शासकीय एवं 76 प्रायवेट आईटीआई संचालित हैं। स्वीकृति के अनुसार पद नहीं भरे जा सके हैं। बताया गया कि हर वर्ष संस्थानों से निकले 70 से 75 प्रतिशत छात्रों को जॉब प्लेसमेंट मिल जाते हैं। विभाग जिला स्तर पर रोजगार मेला का आयोजन करने में विशेष सहयोग देता है। कौशल विकास योजनाओं की गुणवत्ता एवं उसे बाजारोन्मुखी बनाने के लिये विशेष प्रयास किये जाते हैं। संयुक्त संचालक कौशल विकास ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एनएपीएस योजना संचालित है, जो दक्षता बढ़ाने के लिये संचालित की जा रही है। राज्य शासन युवा सशक्तिकरण मिशन के अन्तर्गत कौशल विकास कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को बड़े स्तर पर बाजारोन्मुखी गुणवत्तापूर्ण तकनीकी एवं व्यावसायिक तथा कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। साथ ही उन्हें वैतनिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

संभागायुक्त ने आदिवासी विकास विभाग की बस्ती विकास योजना अन्तर्गत 2019-20 एवं 2020-21 में हुए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने उपखण्ड एवं जिला स्तर पर गठित सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठकों की जानकारी ली तथा अस्पृश्यता निवारण हेतु संचालित अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं वर्ष 2019-20 एवं वर्ष 2020-21 के अन्तर्गत बस्ती विकास के कार्यों की जानकारी ली। संभागायुक्त ने अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र में मजरे-टोलों के विद्युतीकरण एवं पीआईयू के तहत होने वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा की। वर्ष 2019-20 में स्वीकृत हुए आवास सहायता योजना अन्तर्गत हुए निर्माण की जानकारी ली। संभागायुक्त ने लोकशिक्षण विभाग के अन्तर्गत शासकीय स्कूलों में हो रही खेल गतिविधियों के सम्बन्ध में जानकारी ली। बताया गया कि स्कूलों में बास्केट बाल, खो खो, बेस बाल आदि के कोच कार्यरत हैं। विगत वर्षों में बेसबाल की नेशनल चेम्पियनशिप भी जिले में आयोजित की जा चुकी है। जिमनास्टिक परिसर भी स्थित है। मार्शल आर्ट एवं रायफल शूटिंग रेंज के प्रायवेट कोच उपलब्ध हैं। स्वीमिंग सिखाने के लिये अभी कोई शासकीय कोच नहीं है। शुजालपुर में तीरंदाजी सिखाने के लिये बेहतर कोच उपलब्ध है।

संभागायुक्त ने मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत अब तक हुए उपचार की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि इस योजना अन्तर्गत पात्र बच्चों के हृदय का उपचार प्राथमिकता से किया जाये। इसमें बजट की कोई समस्या न आने पाये। उन्होंने टीकाकरण अभियान, अंधत्व निवारण, संस्थागत प्रसव, परिवार कल्याण के सम्बन्ध में जानकारी ली। बैठक में सभी सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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