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शनिश्चरी अमावस्या: फव्वारा स्नान कर ग्रामीणों ने किए शनिदेव के दर्शन

पनौती के रूप में घाटों पर छोड़े जूते-चप्पल, सुरक्षा के इंतजामों में तैनात पुलिस बल
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

आज शनिश्चरी अमावस्या के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर ग्रामीण श्रद्धालु आस्था का नहान करने पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा इस बार फिर से फव्वारा स्नान की व्यवस्था की है। आस्था के साथ श्रद्धालु देर रात से ही पहुंचना शुरू हो गए थे लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दिखाई दे रही थी।
शनि मंदिर स्थित त्रिवेणी संगम पर शनिश्चरी अमावस्या के नहान का ग्रामीणों में काफी महत्व है। शनिदेव से अपनी पीड़ा की मुक्ति के लिए श्रद्धालु यहां हजारों की संख्या में नहान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आज शनिश्चरी अमावस्या होने पर देर रात ही श्रद्धालु नवग्रह शनि मंदिर पहुंचने लगे थे। तड़के 4 बजे से श्रद्धालुओं ने आस्था का नहान शुरू कर दिया है। प्रशासन ने त्रिवेणी के घाटों पर नहान के लिए फव्वारा स्नान की व्यवस्था की है। इस बार श्रद्धालुओं को नदी में नहान करने से रोका गया है। फव्वारा स्नान के बाद श्रद्धालु शनिदेव के दर्शन कर घाटों पर पनौती के रूप में अपने कपड़े और जूते-चप्पल छोड़ रहे हैं। अमावस्या के नहान को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार दोपहर बाद ही त्रिवेणी संगम के घाट पर व्यवस्थाएं जुटाना शुरू कर दिया था। घाट पर पहुंचने के लिए बेरीकेट्स लगाए गए हैं। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर शनिदेव के दर्शन कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दिखाई दे रही है। लेकिन सुबह 10 बजे बाद श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई थी जो दोपहर बाद एक बार फिर कम होती दिखाई दी। बताया जा रहा है कि अमावस्या शुक्रवार दोपहर को शुरू हो गई थी जो आज दोपहर तक रहेगी। इस दिन स्नान का महत्व माना गया है। ग्रामीणों द्वारा शनिश्चरी अमावस्या की परंपरा को बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती नवग्रह शनि मंदिर से लेकर शिप्रा के घाटों तक की गई है।

विस्फोट स्थल पर किया प्रवेश प्रतिबंधित
पिछले दिनों त्रिवेणी स्थित शिप्रा नदी के घाट पर पानी में विस्फोट होने का मामला सामने आया था, जिसके चलते प्रशासन ने उक्त घाट को बेरीकेट्स से पूरी तरह बंद कर दिया है। श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। जिस घाट पर विस्फोट हुआ था उसके आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। विस्फोट की जांच भोपाल से आई टीम द्वारा भी की गई है। वहीं अब जांच के लिए अन्य प्रदेश से भी दल त्रिवेणी संगम घाट पर पहुंचेगा। फिलहाल शिप्रा नदी में हुए विस्फोट की स्पष्ट वजह अब तक सामने नहीं आई है।
नर्मदा के पानी से स्नान
शिप्रा नदी का जल स्तर कम होने और शनिश्चरी अमावस्या का नहान होने पर जिला प्रशासन ने चार दिन पूर्व ही नर्मदा का पानी शिप्रा स्थित त्रिवेणी घाट पर एकत्रित करा लिया था जिसमें आज श्रद्धालुओं द्वारा नहान किया जा रहा है। पिछले दिनों कान्ह नदी का गंदा पानी मिलने से शिप्रा मैली हो गई थी। जिसे प्रशासन ने स्टॉप डेम खोलकर बहा दिया था। आज श्रद्धालु शिप्रा में नर्मदा के स्वच्छ जल से स्नान कर रहे हैं। बताया यह भी जा रहा है कि कान्ह नदी का पानी पिपल्या राघौ स्टॉप डेम से ओव्हर फ्लो होता दिखाई दे रहा है। जहां मिट्टी का डेम बनाकर पानी रोका गया है। कान्ह और शिप्रा में आया नर्मदा का लेवल बराबरी पर है। अगर कान्ह का डेम क्षतिग्रस्त हुआ तो एक बार फिर शिप्रा का पानी मैला हो जाएगा।

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