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लायसेंस बनवाने पहुंचे एडीएम, एजेंट की करतूतों का हुआ खुलासा

आरटीओ पर गिर सकती है निलंबन की गाज
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

आरटीओ में चल रही धांधली की पड़ताल के लिए एडीएम लायसेंस बनवाने के बहाने पहुंचे। एजेंट से चर्चा की और धांधली का खुलासा हो गया। एजेंट की दुकान से गोपनीय सरकारी फाइलें, रजिस्ट्रेशन और लायसेंस बरामद हुए हैं। आरटीओ की मिलीभगत सामने आ रही है, जिसके चलते उन पर निलंबन की गाज गिर सकती है जिसकी अनुशंसा कलेक्टर ने संभागायुक्त को प्रेषित की है।
आरटीओ में ऑनलाइन लायसेंस बनवाने की प्रक्रिया और दस्तावेजी कार्यवाही का काम काफी समय पहले शुरू हो चुका था। बावजूद इसके यहां लायसेंस बनवाने और वाहन संबंधी कामों के लिए पहुंचने वाले लोगों से मोटी रकम लेकर काम को अंजाम दिया जा रहा था। धांधली की खबर कलेक्टर के पास पहुंची थी, जिस पर एडीएम नरेन्द्र सूर्यवंशी को जांच के लिए भेजा गया। एडीएम लायसेंस बनवाने के बहाने हिंद यातायात एजेंसी पर पहुंचे। आरटीओ कार्यालय के पीछे एजेंसी प्रदीप शर्मा संचालित कर रहा था। एडीएम ने लायसेंस बनवाने के साथ दस्तावेजों और पैसों की बात की। जिस पर प्रदीप शर्मा ने पूरी प्रोसेस को बताया। उसकी बात सुनकर एडीएम ने अपना परिचय दिया। एजेंट प्रदीप शर्मा के होश उड़ गए। उसने मौका पाकर भागने में सफलता प्राप्त कर ली। एजेंट की दुकान में जांच शुरू की गई तो धांधली का बड़ा मामला उजागर हो गया। यहां से 70 गोपनीय फाइल के साथ कई लायसेंस, आरसी बुक, रजिस्ट्रेशन बरामद किए गए जिस पर आरटीओ और विभागीय बाबू के हस्ताक्षर थे। साफ नजर आ रहा था कि एजेंट प्रदीप शर्मा आरटीओ संतोष मालवीय की मिलीभगत से काम कर रहा था। अचानक हुई कार्यवाही से आरटीओ में अफरा तफरी मच गई थी। एजेंट की दुकान में कार्यवाही के साथ एक टीम उसके घर आईसीआईसीआई बैंक के पीछे भेजी गई जहां से कुछ अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। ऑन लाइन प्रक्रिया के बाद भी मिलीभगत से आरटीओ में धांधली सामने आई। जिसके चलते कलेक्टर आशीष सिंह ने आरटीओ मालवीय की भूमिका को देखते हुए निलंबन प्रस्ताव संभागायुक्त को प्रेषित किया है।

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