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67 लाख की धोखाधड़ी में पकड़ाया बैंक खाता बेचने वाला टैक्सी चालक

माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
फेसबुक पर दोस्ती होने के बाद 6 7 लाख धोखाधड़ी का शिकार हुई युवती की शिकायत पर राज्य साइबर सेल की टीम में रीवा से एक युवक को गिरफ्तार किया है । जिसने शातिर बदमाशों को अपना बैंक खाता 25 हजार रुपए में बेच दिया था। शातिर बदमाशों ने 3 साल में युवती से 20 खातों में पैसे जमा करा लिए थे। शातिर बदमाश ने विदेशी युवक बनकर युवती को शादी का झांसा दिया था।
राज्य साइबर सेल से मिली जानकारी अनुसार वर्ष 2017 में फेसबुक पर संत नगर में रहने वाली सेवानिवृत्त अधिकारी की पुत्री का परिचय फेसबुक पर लुईस डर्क नाम के युवक से हुआ था । लुइस ने खुद को विदेशी बताया था और शादी का प्रस्ताव रखा था। उसने भारत आकर शादी करने की बात कहीं थी। कुछ महिनों तक वाट्सएप और मैसेंजर पर दोनों की बातचीत होती रही। उसके बाद युवक ने महंगे गिफ्ट, ज्वेलरी, गोल्ड के साथ भारत आकर शादी करने की बात कहीं। कुछ दिन बाद उसने बताया कि भारत आने पर एयरपोर्ट पर उसे पकड़ लिया गया है। उसे छोडऩे के एवज में पैसे मांगे जा रहे है।
युवती से डेढ़ साल में युवक द्वारा खुद को कस्टम अधिकारियों से छुड़ाने के नाम पर अलग-अलग खातों में 45 लाख रुपये जमा करा लिए गए। उसके बाद भी युवक उससे छूटने के लिये पैसे मांगता रहा। युवती को धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उसने माधवनगर थाने पहुंचकर वर्ष 2019 में शिकायत दर्ज कराई। बावजूद उसके संपर्क में बनी रहे और 12 माह में 22 लाख का ट्रांजेक्शन और कर दिया। करीब 3 साल में युवती 67 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन युवक द्वारा बताये गये 20 खातों में कर चुकी थी। दिसंबर 2020 में राज्य सायबर सेल मामला पहुंचने के बाद प्रकरण दर्जकर जांच शुरु की गई और रीवा जिले के कोरियान टोल से विनय सत्यनामी पिता वैधनाथ को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिये उज्जैन लाया गया। जहां गिरोह से जुड़े कुछ ओर लोगों की जानकारी सामने आई है।
जिन खातों में पैसा जमा हुआ था, वह अलग-अलग शहरों के सामने आये है। पूछताछ के बाद शनिवार को विनय सत्यनामी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। राज्य सायबर सेल उज्जैन जोन के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार करने में एसआई गोपाल अजनार और प्रधान आरक्षक हरेन्द्रपालसिंह राठौर की भूमिका रही है। राज्य सायबर सेल की पूछताछ में सामने आया कि विनय चालक है। उसका एक मित्र मुम्बई-दिल्ली आता जाता है। जिसकी विदेशी लोगों से पहचान है। उसे पैसे मंगवाने की जरुरत पड़ती थी। इसलिये उसने अपना बैंक खाता और एटीएम उसे दे दिया था। उसके एवज में 25 हजार रुपये मिले थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि विनय पूर्व में चैक बाउंस की सजा काट चुका है। पूछताछ के दौरान उससे मिली जानकारी के बाद कुछ और आरोपियों की मामले में गिरफ्तारी हो सकती है।

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