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कोरोना संक्रमितों के घरों पर नहीं हो रहा सेनेटाइजेशन

पिछले साल शहरभर में निगम ने युद्ध स्तर पर कराया था छिड़काव
उज्जैन।
जिलेभर में कोरोना संक्रमण की गति तेजी से बढ़ रही है। प्रतिदिन 200 से 300 कोरोना के मरीज आ रहे हैं। लेकिन नगर निगम के द्वारा होने वाला सेनेटाइजेशन पिछले वर्ष की अपेक्षा अब तक गति नहीं पकड़ पाया है।
कोरोना संक्रमण के बढऩे के बावजूद भी सेनेटाइजेशन की व्यवस्था युद्ध स्तर पर नहीं हो पा रही है। जिलेभर में कोरोना के हजारों मरीज आ चुके हैं। कुछ मरीज अस्पतालों में भर्ती होकर अपना उपचार करा रहे हैं तो कुछ घर पर ही होम क्वारेंटिन हैं। नगर निगम द्वारा कोरोना संक्रमितों के घरों का सेनेटाइजेशन नहीं कराया जा रहा है। कुछ कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल से स्वस्थ होकर वापस घर आ चुके हैं लेकिन घर आने पर उन्हें पता चल रहा है कि अभी तक उनके घर का या उनकी गली में सेनेटाइजर का छिड़काव नहीं हुआ है। आसपास के रहवासी भी कोरोना संक्रमित मरीज आने के कारण भयभीत हो जाते हैं। निगम द्वारा पूर्व में प्रत्येक गली, मोहल्ले और कोरोना संक्रमित मरीजों के घरों का सेनेटाइजेशन कराया जाता था लेकिन अब यह देखने को नहीं मिल रहा है। रहवासियों की मांग है कि नगर निगम पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी युद्ध स्तर पर सेनेटाइजेशन की व्यवस्था करे। जिस क्षेत्र में कोरोना का मरीज है कम से कम उस क्षेत्र में सेनेटाइजर का छिड़़काव होना चाहिए।
सेनेटाइजेशन से संक्रमण बढऩे की संभावना कम रहती है
उल्लेखनीय है कि निगम द्वारा सेनेटाइजर के छिड़काव से कोरोना का संक्रमण कम हो जाता है। वहीं आमजन को भी इससे राहत मिलती है। पिछले वर्ष की तुलना में कोरोना का यह विकराल रूप भयावह साबित होता नजर आ रहा है। हर एक-दो दिन में कोरोना के कारण मौतें हो रही हैं। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को अपने अधीनस्थों को आदेश देना चाहिए कि कम से कम जिस क्षेत्र में कोरोना के अत्यधिक मरीज हैं या कोरोना संक्रमित का घर है वहां सेनेटाइजर का छिड़काव अवश्य रूप से हो।

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