Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN
News That Matters

शहडोल में ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत

तड़प रहे मरीजों को मास्क दबाकर ऑक्सीजन देने की कोशिश करते रहे परिजन
शहडोल।
मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। अब शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 12 कोविड मरीजों की मौत हो गई। इसके अलावा अन्य वजहों से 10 और कोविड मरीजों की मौत 24 घंटे में यहां हुई है। इस तरह शहडोल में अकेले 22 संक्रमित मरीजों की मौत हुई हैं।
ऑक्सीजन की कमी से 12 मौतों की पुष्टि शहडोल के अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने की है। इसके पहले भोपाल, सागर, जबलपुर, उज्जैन में ऑक्सीजन की कमी से संक्रमित गंभीर मरीजों की मौत हो चुकी है। शनिवार रात 12 बजे ऑक्सीजन का प्रेशर काम हो गया। इसकी वजह से मरीज तड़पने लगे। परिजन मास्क दबा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे नाकाम रहे। एक के बाद एक 12 मरीजों की सुबह 6 बजे तक मौत हो गई। सभी ढ्ढष्ट में भर्ती थे। परिजनों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था के लिए अफरा तफरी मच गई। सुबह प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुबह 9 बजे के बाद ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था की गई।ऑक्सीजन की कमी के बाद कई मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा, मरीजों को लग रहा था कि शायद सही तरह से दबाने से ऑक्सीजन आ जाए। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने भी ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की बात कही है। शहडोल के अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि 10 से 12 मौतें ऑक्सीजन की कमी से हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
कोविड मरीजों से भरे अस्पताल में आग, एक जिंदा जला, चार का दम घुटा
रायपुर। राजधानी अस्पताल के कोविड आईसीयू में आग लगने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल की वजह से बुझा लिए गए आईसीयू के भीतर नहीं घुसी। अफसर पीपीई किट ढूंढते रहे, जो दो घंटे बाद मिली। किट पहनकर पुलिस टीम भीतर घुसी, तब तक आईसीयू खाली हो चुका था। शव उतारे जा चुके थे, दूसरे कोविड मरीज जो दम घुटने की वजह से और बीमार या बेहोश हुए थे, उन्हें भी उतारा जा चुका था। टिकरापारा टीआई संजीव मिश्रा ने बताया कि जिस फ्लोर में आग लगी, उसकी बारीकी से जांच की गई है। रविवार को फोरेंसिक जांच होगी। इसके बाद प्रबंधन के खिलाफ जुर्म दर्ज किया जाएगा। टीआई ने भर्ती मरीजों के परिजन से बातचीत के आधार पर बताया कि अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित एसआईसीयू में हादसा हुआ। अब तक यही पता चला है कि वहां 34 से ज्यादा मरीज भर्ती है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
%d bloggers like this: