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तीन दिन बाद फिर बढ़ सकता है तापमान

उज्जैन। अमूमन गर्मी के सीजन में अप्रैल और मई माह में सर्वाधिक गर्मी पड़ती है। मई के अंतिम सप्ताह में नौतपा के कारण प्रदेश में लू के भी हालात बन जाते हैं। इसके बाद मानसून पूर्व की गतिविधियों में तेजी आने लगती है, लेकिन इस बार अप्रैल का पहला पखवाड़ा लगभग ठंडा ही बीत गया है। इस सीजन में अप्रैल के पहले सप्ताह में अभी तक सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक तीन दिन बाद अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना बन रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वातावरण में नमी मौजूद रहने के कारण आंशिक बादल छाए हुए हैं। शहर में शनिवार को उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलीं। दोपहर के बाद हवा का रूख पश्चिमी हो गया था। 21 अप्रैल तक मौसम शुष्क बना रहने के आसार हैं। इस दौरान बीच-बीच में आंशिक बादल भी छाएंगे, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। 21 अप्रैल के बाद अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
नहीं पड़ी अभी तक अपेक्षित गर्मी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अमूमन सीजन में सर्वाधिक गर्मी अप्रैल और मई माह में पड़ती है। इस वर्ष अप्रैल माह का पहला पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन अपेक्षित गर्मी नहीं पड़ी है। इस वर्ष उत्तर भारत में लगातार पश्चिमी विक्षोभ के आने का सिलसिला बना हुआ है। इस वजह से बादल छाने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश होने के कारण अधिकतम तापमान में अपेक्षाकृत बढ़ोतरी नहीं हो सकी। वर्तमान में भी एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर में बना हुआ है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के 19 अप्रैल को उत्तर भारत में प्रवेश करने की संभावना है। इस वजह से अभी तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा। 21 अप्रैल के बाद अधिकतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।

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