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ऑक्सीजन टैंकरों के निर्बाध परिवहन की सभी स्तरों से हो निगरानी- चौहान

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ऑक्सीजन टैंकरों का निर्बाध परिवहन सुनिश्चित किया जाए और इसकी सभी स्तरों पर निगरानी की जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री निवास से वीडियों कॉन्फ्रेंस द्वारा कोरोना ग्रुप की बैठक को कल संबोधित करते हुए कहा कि होम आयसोलेशन की व्यवस्था को प्रभावी बनाकर चिकित्सालयों पर दबाव को कम किया जा सकता है। कोविड केयर सेंटरों से चिकित्सालयों में स्थानांतरित किए गए रोगियों के संबंध में जानकारी संकलित कर उसके अध्ययन के आधार आवश्यक सुधार किए जाएं।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोडऩे में कोरोना कर्फ्यू कारगर साबित हो रहा है। विगत दस दिनों से प्रकरणों की संख्या लगभग स्थिर है। जनता द्वारा कोरोना कर्फ्यू के प्रभावी क्रियान्वयन से यह संभव हुआ है।
छिंदवाड़ा, बुरहानपुर और खण्डवा जैसे जिलों में संक्रमण नियंत्रण के प्रभावी प्रयास हुए हैं। इस दिशा में और अधिक प्रयासों की जरूरत है।
इस बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 72 प्रतिशत संक्रमित व्यक्ति होम आईसोलेशन में हैं। चिकित्सालयों में 28 प्रतिशत संक्रमित उपचाराधीन हैं। प्रदेश में प्रकरणों की संख्या स्थिर हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी संक्रमण की संख्या स्थिर हो गई है। ग्रामीण अंचल और शहरी क्षेत्रों होम आईसोलेशन में रह रहे संक्रमितों के साथ दूरभाष पर सतत सम्पर्क किया जा रहा है। ग्रामीण, शहरी अंचलों में मेडिकल किट वितरित किया जा रहा है। सभी ग्राम पंचायतों में कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं और उनको हेल्पलाइन से भी जोड़ा गया है।
प्रदेश में 8 हजार 472 कोविड केयर सेंटर कार्यरत हैं। उनमें ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था भी की जा रही है। अभी तक 523 बेड तैयार हो गए हैं, जिनमें 56 प्रतिशत भरे हुए हैं। इंदौर में राधास्वामी सत्संग द्वारा जन-सहयोग से आई.सी.यू. बेड का निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है। बीना में एक हजार बिस्तर के अस्पताल निर्माण का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। चिकित्सालय की ऑक्सीजन आवश्यकता के अतिरिक्त करीब 80 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था भी की जा रही है।
भोपाल जिले में मेडिकल बैकअप उपलब्ध कराने के लिए 500 बिस्तर के कोविड केयर सेंटर के माध्यम से प्रयास किए गए हैं। इस सेंटर में दो चिकित्सकों और छह नर्सों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त विभिन्न समाजों द्वारा भी कोविड केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं। काटजू चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिटी कोविड केयर सेंटर बनाने का कार्य भी तेज गति से किया जा रहा है।
विश्वकर्मा
वार्ता

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