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नईदिल्ली। देश में कोरोना महामारी के हालात बेकाबू हो चुके हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या संक्रमण को रोकने के लिए एक बार फिर राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया जाएं। एक बड़ा वर्ग है जो इस तरह की पाबंदियों के खिलाफ है तो एक धड़ा इसी को इलाज का सबसे कारगर तरीका बता रहा है। देश में ट्रेडर्स की एक संस्था ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पूरे देश में सख्ती से लॉकडाउन लगा दे। इन व्यापारियों ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि वे देश में जरूरी खाद्यान्न सामग्री की आपूर्ति कम नहीं होने देंगे। सीएआईटी ने सरकार से यह अपील की है। सीएआईटी का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर एक सर्वे करवाया है, जिसमें 67 फीसदी लोगों ने टोटल लॉकडाउन का पक्ष लिया है। सीएआईटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने पीएम मोदी से तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय लॉकडाउन लागू करने का अनुरोध किया। साथ ही कहा गया है कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन संभव न हो तो उन राज्यों में सख्त पाबंदियां लगाई जाएं, जहां कोरोना महामारी ज्यादा है। सीएआईटी ने भरोसा दिलाया है कि वे पिछले साल के लॉकडाउन की तर्ज पर इस बार भी जरूरी चीजों की आपूर्ति जारी रखेंगे।
राहुल गांधी भी लॉकडाउन के पक्ष में


बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा है कि देश में कोरोना महामारी को रोकने का एक मात्र तरीका लॉकडाउन है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि सरकार इस पर फैसला ले और जरूरतमंदों तथा गरीबों की व्यवस्था करे।
आईएमए भी कर चुका संपूर्ण लॉकडाउन की मांग
इधर, कुछ दिन पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी देशभर में संपूर्ण लॉकडाउन की मांग कर चुका है। आईएमए की तरफ से सरकार को सुझाव दिया गया था कि देश में रोजाना कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इसकी चेन को तोडऩे के लिए सरकार को तुरंत लॉकडाउन लगाना चाहिए। इस टास्क फोर्स में एआईआईएमएस और आईसीएमआर जैसी संस्था के हेल्थ एक्सपर्ट्स भी शामिल थे।

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