Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

बाड़मेर। देशभर में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। इस दौरान कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं कि उन्हें देख और सुनकर शरीर काम करना बंद कर देता है। ऐसी ही एक घटना हुई है पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में। यहां कोरोना संक्रमण के चलते पिता की मौत हुई इससे उनकी बेटी इतनी आहत हो गई वह पिता की जलती चिता में कूद पड़ी। आनन-फानन में उसे चिता से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक वह करीब 70 फीसदी तक जल चुकी थी। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी बाड़मेर जिले में दिल दहला देने वाली यह घटना सामने आई। बाड़मेर के जिला मुख्यालय पर स्थित रॉय कॉलोनी निवासी दामोदर दास शारदा की कोविड-19 की वजह से मौत हो गई थी। घरवालों ने जिला मुख्यालय के श्मशान घाट पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की। चिता को मुखाग्नि दी गई। परिजन पास में बैठकर चिता को देखने लगे। इस दौरान दामोदरदास की बेटियां भी वहां मौजूद थी। अचानक दामोदर दास की 30 साल की बेटी चंद्रा शारदा ने जलती चिता में छलांग लगा दी। यह देखकर वहां मौजूद अन्य परिजनों के हाथ पांव फूल गये। लेकिन चन्द्रा की बड़ी बहिन 35 वर्षीय पिंकी उसे चिता से निकालने में जुट गई। लेकिन जब तक चन्द्रा को चिता से निकाला गया तब तक वह 70 फीसदी से अधिक जल चुकी थी। परिजनों ने उसे तुंरत राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। 70 फीसदी से अधिक जल जाने के कारण चंद्रा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

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