Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

धमतरी। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को दवाई-गोली से लेकर आइसोलेशन और कई अन्य तरह की परेशानियां से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वे पीडि़तों की सहायता करें। लेकिन छत्तीसगढ़ के धमतरी से सामने आए एक वीडियो के बाद मामला थोड़ा चिंताजनक लगा।
यहां आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों को प्रशासन की ओर से सैनिटाइजर और अन्य मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सैनिटाइजर खत्म होने पर पीडि़त ने पंचायत सचिव को फोन कर जानकारी दी। लेकिन सचिव ने फोन पर ही कह दिया कि मरीज पेशाब को ही सैनिटाइजर के डिब्बे में डालकर उसका उपयोग कर लें। बताया गया है कि धमतरी जिले के लटियारा ग्राम पंचायत में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया, जहां मरीजों को रखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से मरीजों को दो-तीन दिन पहले 50 एमएल सैनिटाइजर और दो साबुन दिए गए, जो खत्म हो गए। पीडि़तों ने इस बात की जानकारी पंचायत सचिव भूपेंद्र देवांगन को दी। लेकिन सचिव ने गुस्से में पेशाब का इस्तेमाल करने की समझाइश दे दी, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने सचिव से बहस करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों के हंगामा करने के बाद सचिव को गलती का अहसास हो गया। वह ग्रामीणों से माफी मांगने लगा, अब सचिव का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सचिव ने कहा कि पेशाब वाली बात मजाक में कही थी। विवाद के बाद मामले में धमतरी कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने कहा कि इस बारे में सीईओ को बता दिया गया है। पूरे विवाद के बाद ग्रामीणों ने कहा कि सचिव का ये व्यवहार उन्हें बिलकुल पसंद नहीं आया। ग्रामीणों का विरोध वीडियो में भी साफ तौर पर देखा जा सकता है। दरअसल, जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। जिनके घरों में अलग से आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं है, उन्हें इन केंद्रों में रहने जगह दी गई। जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि आइसोलेशन की व्यवस्था पंचायत ही करेगी, लेकिन मरीजों के भोजन की व्यवस्था परिजनों को करना होगी।

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