Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में म्यूकॉरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस की दस्तक के साथ ही डरावनी तस्वीरें भी सामने आ रही हैं, जिसमें ब्लैक फंगस के संक्रमण के जिले में 4 मरीज सामने आए हैं, जिसमें डॉक्टरों ने 2 मरीजों की जान बचाने के लिए इलाज के दौरान उनकी एक-एक आंख भी निकालनी पड़ी है।
कोरोना काल में लोगों को आने वाले समय लापरवाही और भी भारी पडऩे वाली है, जो डायबिटीज के पेशेंट हैं उनके रिकवरी रेट बहुत ही धीमा होता हैं, जिसके चलते मरीज को लंबे समय तक इलाज के लिए भर्ती रहना पड़ता। जिसके चलते मरीज काफी वीकनेस हो जाती है और यही वजह है कि हवा में मौजूद म्युकोमाइकोसिस कोविड 19 मरीज को अपने चपेट में ले लेता हैं। कोरोना से प्रभावित कमजोर मरीजो को ब्लैक फंगस अपनी चपेट में लेकर सबसे पहले नाक को संक्रमित करता है। इसके साथ साथ यह मुंह, फेफड़े, ब्रेन और गले को भी तेजी से अपना शिकार बनाता है। समय रहते मरीज को इलाज नही मिला तो मरीज की जान भी बचा पाना बहुत मुश्किल होता है, यह अगर आंखों पर असर करता है तो मरीज को तत्काल सही इलाज कि जरूरत होती है। सही समय पर इलाज नही मिलता तो मरीज की आंखों की रोशनी को बहुत ही तेजी खत्म कर देता है, और जिसकी वजह से मरीज की आंख भी निकालनी पड़ती।
इस संबंध में दमोह सीएमएचओ डॉ. संगीता त्रिवेदी से बात की गई तो उनका कहना है कि लोगों को ध्यान देना चाहिए कि वह घर में रहें। सुरक्षित रहें और जिससे उनको कोविड हो ही नहीं पाये, क्योंकि सुगर वाले मरीज को कोविड होने के बाद उसको रिकवर करना आसान नही होता। उसको एक लंबे इलाज के बाद बेहतर कंडीशन में काफी समय लग जाता है। जिसमें बहुत मरीज ब्लैक फंगस की चपेट में आ सकते हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!