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जिले में एक्टिव संक्रमित मरीजों की संख्या 1384

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माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन
मई माह के प्रथम सप्ताह तक कोरोना की दूसरी लहर की स्थिति भयावह होती नजर आ रही थी लेकिन अब अस्पतालों में पलंग खाली होते नजर आ रहे हैं। संक्रमण की रफ्तार पर प्रशासन और पुलिस ने अंकुश लगाने के जो प्रयास शुरू किए थे वह सफलता की ओर कदम बढ़ाते नजर आ रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जिले को प्रदेश में संक्रमित शहरों की सूची में शामिल कर दिया था। अस्पतालों में मरीजों को पलंग नहीं मिल पा रहे थे। ऑक्सीजन की पूर्ति प्रशासन के लिए भी चुनौती बन चुकी थी। जिसे देखते हुए संक्रमण की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने सख्त कदम उठाने की शुरुआत की और कोरोना कफ्र्यू का पालन सख्ती के साथ शुरू करा दिया। जिसका नतीजा मई माह के दूसरे सप्ताह से नजर आ रहा है। अब भी 31 मई तक कफ्र्यू लागू है। इस बीच सबसे अच्छी खबर यह सामने आ रही है कि चरक भवन की पांचवी और छठवीं मंजिल पर बनाए गए 250 बिस्तरों के कोविड वार्ड में मंगलवार शाम तक 45 मरीज ही उपचार के लिए भर्ती थी। यहां 204 पलंग पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। माधवनगर अस्पताल में भी स्थितियां काफी बेहतर हो चुकी हैं। यहां तीन वार्ड में पिछले एक सप्ताह से मरीजों के नहीं आने पर उन्हें सेनेटाइज के बाद बंद कर दिया गया है। आज शाम तक एक वार्ड और खाली होने की संभावना बनी हुई है। माधवनगर अस्पताल में 204 बिस्तरों का कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सेंटर बनाया गया था। जहां अब 146 मरीज ही भर्ती हैं। चरक भवन कोविड वार्ड की कमान डॉ. अभिषेक जिनवाल और माधवनगर की कमान डॉ. विक्रम रघुवंशी द्वारा संभाली जा रही है जो अपने स्टॉफ के साथ दिन-रात मरीजों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के प्रयास में लगे हुए हैं। निजी अस्पतालों में भी अब मरीजों की संख्या कम हो चुकी है। मई माह के प्रथम सप्ताह में हालात ऐसे थे कि अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही थी। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में भी 500 से अधिक मरीज भर्ती थे जहां अब संख्या 50 प्रतिशत से भी कम हो चुकी है। कम लक्षण वाले मरीजों को शहर के पीटीएस में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में रखा जा रहा था। यहां भी मरीजों की संख्या अब ना के बराबर दिखाई दे रही है। शहर के निजी अस्पताल पुष्पा मिशन, तेजनकर, पाटीदार, संजीवनी, गुरुनानक, सहर्ष, देशमुख, बिड़ला सहित अन्य निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा था, अब यहां भी हालात पूरी तरह से नियंत्रण में दिखाई दे रहे हैं।
1 जून से शुरू हो सकती है अनलॉक प्रक्रिया
पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की राहत सामने आ रही है उसे देखते हुए जिले में 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा था कि जिन जिलों में संक्रमण का प्रतिशत 5 से कम होगा वहीं राहत दी जाएगी। इस बीच उज्जैन जिले में प्रतिदिन संक्रमण का प्रतिशत नीचे आ रहा है जो कुछ दिन पूर्व तक संक्रमण की रफ्तार 15 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई थी जो अब 2 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। रिकवरी रेट भी बेहतर है।