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दूर से देखने पर लगती है फ्रूटी और एनर्जी ड्रिंक
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

कोरोना कर्फ्यू में अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसमें कोल्डड्रिंक पैकिंग की शराब भी पहली बार शहर में दिखाई दे रही है। देसी शराब बड़े स्तर पर पुलिस बरामद भी कर रही है लेकिन अब तक कोल्डड्रिंक पैकिंग शराब नहीं पकड़ी जा सके।
सूत्र बता रहे हैं कि धार्मिक नगरी में इन दिनों सबसे अधिक अवैध कारोबार में शराब का शामिल है। जैसी देसी मदिरा में शामिल लाल और सफेद के साथ विदेशी शराब तो महंगे दामों पर मिल रही है इसमें राजस्थान के अजमेर से आ रही शराब भी शामिल है। जो पहली बार कोल्डड्रिंक पैकिंग में देखी गई है। जिले में अब तक शराब की पोटली और प्लास्टिक पाउच के बारे में ही चुना गया था लेकिन अब एनर्जी ड्रिंक और फ्रूटी पैकिंग के रूप में भी शराब का पैक देखा गया है। सूत्रों ने हमें ऐसी ही शराब के कुछ खाली पैकेट दिखाए हैं जिस पर शराब की क्वांटिटी 180 एमएल दर्ज है। पैकेट पूरी तरह से फ्रूटी जैसा दिखाई दे रहा है। इस पर रॉयल क्लासिक व्हिस्की लिखा हुआ है। बताया यह जा रहा है कि राजस्थान और अजमेर में की कीमत 80 रुपए है लेकिन अवैध कारोबार करने वाले इसे 200 रुपए तक बेच रहे हैं। यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि राजस्थान से यहां तक किस तरह शराब को लाया गया है लेकिन इतना जरूर पता चला है कि शराब का यह पैक हीरा मिल की चाल, बापुनगर, शांति नगर, दारु गोदाम के आसपास बनी बस्ती के साथी शहर की निचली बस्तियों तक मिल रही है। पुलिस को अब तक राजस्थान से आ रही इस तरह के मामले में जानकारी नहीं लग पाई है। इसका बड़े स्तर पर अवैध कारोबार किया जा रहा है।
राजस्थान, धार, झाबुआ की शराब बरामद
कोरोना कर्फ्यू में पुलिस द्वारा अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए धरपकड़ की जा रही है पूरे जिले में लाखों रुपए की देसी शराब बरामद हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए शराब तस्करों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वह राजस्थान, धार, झाबुआ और खरगोन से शराब लेकर आए हैं। लेकिन राजस्थान के अजमेर से आ रही इस शराब के मामले में अब तक एक भी कार्रवाई होना सामने नहीं आई है।
शासन को हो रहा करोड़ों का नुकसान
शराब देश की अर्थव्यवस्था का एक हिस्सा है। प्रदेश स्तर पर शासन द्वारा शराब दुकानों के ठेके दिए जाते हैं। आबकारी विभाग का दुकानों पर नियंत्रण होता है जो शराब स्टाक की जानकारी रखता है। कोरोना काल में शराब दुकान बंद होने पर करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है वहीं अवैध शराब का कारोबार करने वालों के वारे न्यारे हो गए। अवैध कारोबारियों के पुलिस गिरफ्त में आने के बाद कुछ दिनों में इन्हें न्यायालय से जमानत भी मिल रही है जिसके चलते इनके द्वारा बड़े स्तर पर अवैध शराब बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा है।

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