Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890

उज्जैन। हिंदू पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ मास 27 मई से शुरू हो चुका है। ऐसे में ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 जून को पड़ रही है। इस एकादशी व्रत को अपरा एकादशी या अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत का विधान भगवान विष्णु की उपासना के लिए है। पौराणिक मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत व पूजन करने से व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं और भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाभारत काल में युधिष्ठिर के अनुरोध पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपरा एकादशी व्रत के महत्त्व के बारे में पांडवों को बताया था। इस व्रत का पालन करते हुए ही पांडवों ने महाभारत का युद्ध जीता था। धार्मिक मान्यता यह है कि अपरा एकादशी व्रत रखने से अपार धन की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के पापों का अंत होता है। जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। अपरा एकादशी के व्रत के प्रभाव से ब्रह्म हत्या, भूत योनि, दूसरे की निंदा,परस्त्रीगमन, झूठी गवाही देना, झूठ बोलना, झूठे शास्त्र पढऩा या बनाना, झूठा ज्योतिषी बनना तथा झूठा वैद्य बनना आदि सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

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