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50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली तेज हवा, तेज बारिश में गिरे सैकड़ों वृक्ष, घरों-झोपडिय़ों की उड़ी छतें

लोग बोले- पहले नहीं देखा ऐसा बवंडर, रात भर गुल रही बिजली, उद्योगपुरी में कारखानों की चद्दरें उड़ी
माटी की महिमा न्यूज /उज्जैन

बंगाल की खाड़ी से उठे यास चक्रवात के झारखंड से उत्तर प्रदेश की ओर गुजर जाने के बाद स्थानीय स्थल पर नमी के दबाव का क्षेत्र बनने से बीती देर शाम बवंडर के बीच तबाही का नजारा दिखाई दिया। आज सुबह तक हालातों से निपटने के इंतजामों में नगर निगम, बिजली विभाग के साथ स्थानीय लोग लगे हुए थे।
शुक्रवार शाम 6 बजे बाद 35 मिनट की बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया था। लेकिन किसी को यह अंदेशा नहीं था कि कुछ घंटों बाद हालात बेकाबू होने वाले हैं। स्थानीय वेधशाला और मौसम विभाग से जुड़े लोग भी आने वाले बवंडर से अनजान थे। सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, शाम 7 बजने से पहले ही हवा ने अपनी रफ्तार दिखाना शुरू किया और तेज बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने लगी। लोग छात्रों पर और घरों के बाहर नजारा देखने के लिए निकले, लेकिन उन्हें उल्टे पैर घरों में भागना पड़ा। चंद मिनटों में ही पूरे शहर का माहौल तबाही में बदलता देखा जाने लगा। सबसे पहले बिजली गुल हुई उसके बाद तेज हवा और बारिश के बीच एक के बाद एक सैकड़ों पेड़ों के गिरने की खबरें आने लगी। सड़कों से लेकर गली मोहल्लों तक पेड़ों के गिरने से बिजली के तार टूट चुके थे। कई घरों पर पेड़ गिरने से छत और गैलरिया क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। चद्दर से ढके मकान खुले नजर आने लगे थे। करीब 1 घंटे की बारिश के बाद सड़कों पर नगर निगम के साथ बिजली विभाग का अमला निकल चुका था। जिनके लिए हालातों से निपटना चुनौती भरा नजर आ रहा था। लोग अपने उजड़ चुके घरों में व्यवस्था जुटाने का प्रयास करते हुए रात भर जागते रहे। आज सुबह भी हालातों से निपटने का काम किया जा रहा था।

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50 किमी. प्रति घंटे से चली हवा
जीवाजीराव वेधशाला अधीक्षक राजेंद्र कुमार गुप्त ने बताया कि स्थानीय स्तर पर नमी के दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से ऐसे हालात बने हैं। प्री मानसून से पहले ऐसी स्थिति का आकलन करना संभव नहीं हो पाता है। यह जरूर है कि पहले ऐसे हालात बने हैं लेकिन इस बार मौसम का मिजाज ऐसा होगा इसका अंदेशा नहीं था। हवा 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल हो रही थी। इस बीच करीब 1 घंटे हुई बारिश 1 इंच से (38 मिमी.) दर्ज की गई है। प्रदेश में यास चक्रवात का असर काफी कम हुआ है और वर्तमान में चक्रवात झारखंड से उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ चुका है जिसका असर बीती देर शाम बने हालातों से नहीं है। चक्रवात की वजह से नमी जरूर आई है जिसके चलते नमी के कम दबाव का क्षेत्र बना था। देर शाम मौसम का मिजाज देखकर लोगों का कहना था कि उन्होंने पहले कभी ऐसा बवंडर नहीं देखा। हवा इतनी तेज थी कि घर से बाहर निकलने पर उसका सामना करना नामुमकिन था।
कई वाहन हुए क्षतिग्रस्त
तेज हवा और बारिश के बीच मची तबाही के साथ वृक्षों के गिरने से घरों के बाहर और सुरक्षित स्थानों पर खड़े किए गए वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। आज सुबह जब लोगों को अपने क्षतिग्रस्त वाहनों की जानकारी लगी तो उन्होंने गिरे वृक्षों को हटाने का प्रयास किया।

झोपडिय़ा उड़ी, चौराहों पर खुले रास्ते
कोरोना की दूसरी लहर को लेकर शहर में कर्फ्यू लागू है। पुलिस ने चौराहों पर बैरिकेड लगाकर रास्ते बंद कर रखे हैं। मौसम का मिजाज बदलने के बाद जहां झोपडिय़ा और घरों की छत के साथ मकानों पर लगी पानी की संख्या और शेड उड़ते दिख रहे थे वही चौराहों पर लगे बेरीकैट भी हवा से गिर चुके थे। जिसके चलते रात को शहर के कई चौराहों पर रास्ता खुल चुका था। कानीपुरा मार्ग पर बन रही प्रधानमंत्री आवास योजना में काम कर रहे मजदूरों की झोपडिय़ां 50 फीट दूर खेतों में जा पहुंची थी। लोहे के चद्दर से बनाई गई बाउंड्री वाल का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। इस मार्ग पर डेढ़ सौ साल पुराना कबीट का पेड़ भी उखड़ चुका था। शहर में कई दुकानों का नामोनिशान मिट चुका था।

टाटा की खुदाई बनी परेशानी
शहर में सीवरेज लाइन डालने का काम कर रही टाटा कंपनी ने गली मोहल्लों से लेकर शहर के मार्गों को खोद रखा है, जो बीती शाम मौसम के हालातों के बाद अब परेशानी बने नजर आ रहे हैं। खोदी गई सड़कों का गारा कीचड़ में बदल चुका है। कई गड्ढों में पानी भरा हुआ है जिसकी वजह से आज सुबह कुछ लोग उसमें गिर भी गए थे।
कई क्षेत्रों में नहीं आई बिजली
देर शाम गुल हुई बिजली आज सुबह भी कई क्षेत्रों में नहीं पहुंच सकी थी। रात में बिजली विभाग के कर्मचारियों को कई क्षेत्रों में फॉल्ट नहीं मिल पाया था जिसके चलते वह क्षेत्र में ही इधर से उधर भटकते नजर आए। रात भर बिजली विभाग के वाहन शहर में दौड़ते नजर आ रहे थे कई क्षेत्रों में तड़के 5 बजे बिजली की सप्लाई शुरू हो पाई। दोपहर तक बिजली विभाग और नगर निगम की टीमें घूमती हुई नजर आ रही थी।

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