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नई दिल्ली। केरल के बाद महाराष्ट्र में मानसून ने दस्तक दे दी है। दक्षिण पश्चिम मानसून के कारण राज्य के कुछ तटीय इलाकों में बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार 15 जून तक दक्षिण पश्चिम मानसून के ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और बिहार में पहुंचने की संभावना है।
महाराष्ट्र में शनिवार को पहुंचे दक्षिण पश्चिम मानसून के कारण राज्य के कुछ तटीय इलाकों में बारिश हो रही है जो आज भी जारी रही। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय केंद्र की निदेशक शुभांगी भुते ने कहा कि मानसून उम्मीद के मुताबिक रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून महाराष्ट्र में पहुंच गया है। यह औपचारिक रूप से तटीय रत्नागिरी जिले में हरनाई बंदरगाह में पहुंच गया है। इसके दस्तक देने का वास्तविक क्षेत्र सोलापुर तथा मराठावाड़ा के कुछ हिस्सों तक और उसके बाद तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश तक होता है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले 10 दिनों यानी 15 जून तक बिहार व बंगाल के कुछ हिस्सों, झारखंड और ओडिशा तक पहुंचने की संभावना है। विभाग ने बताया कि मानसून मध्य अरब सागर, पूरे तटीय कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु व मध्य बंगाल की खाड़ी के कई और इलाकों और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है। हालांकि सोमवार और मंगलवार को बारिश होने की कोई संभावना नहीं है।
विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के राजेंद्र जेनामणि ने कहा कि 11 जून तक बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह मानसून को आगे बढऩे में मदद करेगा। मानसून के चलते शनिवार को कर्नाटक के कई हिस्सों में जमकर बारिश हुई। विभाग ने अगले 24 घंटों में केरल और तमिलनाडु के साथ साथ कर्नाटक में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है।

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