Domain Registration ID: DF4C6B96B5C7D4F1AAEC93943AAFBAA6D-IN Editor - Rahul Singh Bais, Add: 10, Sudama Nagar Agar Road Ujjain M.P. India, Mob: +91- 81039-88890
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श्रावण माह में गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश बंद रहेगा
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श्रावण माह में गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश बंद रहेगा

हरसिद्धि की ओर से सामान्य श्रद्धालुओं की कतार लगेगीउज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में श्रावण मास में आम भक्तों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। पूरे श्रावण मास श्रद्धालु नंदीहाल के पीछे गणेश मंडपम से दर्शन लाभ ले सकेंगे। वही सामान्य श्रद्धालुओं की कतार हरसिद्धि मंदिर की ओर से लगेगी।महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास लगते ही देश भर से श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर में दर्शन व्यवस्था और बाबा महाकाल की सवारी को लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने बैठक ली। बैठक में कहां गया कि श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। अधिक भीड़ होने से भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से निर्णय लिया गया कि श्रावण के 1 माह आम भक्तों के लिए गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। इस दौरान केवल पुजारी पुरोहित नियमित पूजा अर्चना के लिए गर्भ ग्रह में जाएंगे। इसी तरह सामान्य दर्शनार्थियों के ...
भड़ली नवमी तक विवाह समारोह के सिर्फ नौ शुभ मुहूर्त
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भड़ली नवमी तक विवाह समारोह के सिर्फ नौ शुभ मुहूर्त

उज्जैन। भड़ली नवमी तक विवाह के लिए सिर्फ 9 शुभ मुहुर्त शेष हैं। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी से सभी तरह के शुभ मांगलिक कार्य पर ब्रेक लग जाएगा। होली के बाद शुरू हुए वैवाहिक शुभ मुहुर्त में से अब सिर्फ 9 मुहुर्त ही शेष बचे हैं। कोरोना काल के बाद शहर में बड़े स्तर पर शादियां भी हुईं, मगर अब आगे जून और जुलाई में कुल विवाह के लिए 9 शुभ विवाह लग्न मुहुर्त ही शेष हैं। इसके बाद 10 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष को देवशयनी एकादशी से वैवाहिक और अन्य शुभ कार्य बंद हो जाएंगे। 4 माह के लिए जगत के पालनहार भगवान विष्णु क्षीरसागर में विश्राम करेंगे। इस अवधि में सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में होता है। इसके बाद देवउठनी एकादशी या तुलसी विवाह के बाद ही शुभ विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो सकेगी।आषाढ़ माह में विवाह समारोह के अबूझ मुहुर्त भड़ली नवमी पर विवाह समारोह की रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के ...
महाकाल वन की दिखने लगी सुंदरता
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महाकाल वन की दिखने लगी सुंदरता

उज्जैन। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत महाकाल विस्तारीकरण योजना का काम चल रहा है। प्रथम चरण के कामों का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। जिसके चलते महाकाल वन की सुंदरता दिखाई देने लगी है। प्रथम चरण के कार्यों में जहां धार्मिक और संस्कृति को उकेरा गया है वहीं पुरातन काल में बनाए जाने वाले स्तंभों की संरचना भी की गई है। जिस पर लगी लाइट शाम के समय अब वन की सुंदरता में चार चांद लगा रही है। मानसून की दस्तक से पहले आसमान में छाए काले बादलों के नीचे महाकाल वन का स्वरूप और अधिक निखरा हुआ नजर आ रहा है। शहरवासी और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु महाकाल वन का रूख करने लगे हैं। ...
महाकाल मंदिर में दो साल बाद संध्या आरती से गर्भगृह में दर्शन शुरू
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महाकाल मंदिर में दो साल बाद संध्या आरती से गर्भगृह में दर्शन शुरू

उज्जैन। श्री महाकाल मंदिर में अब संध्या आरती से शयन आरती तक रोज गर्भगृह से दर्शन किए जा सकेंगे। दो साल बाद गुरुवार से व्यवस्था शुरू कर दी है। कोरोना के कारण मंदिर में गर्भगृह में दर्शन व्यवस्था का समय सीमित कर दिया था। मंदिर प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ ने बताया मंगलवार से शुक्रवार तक दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक गर्भगृह में दर्शन व्यवस्था चल रही है। दर्शनार्थियों का आग्रह था कि शाम को भी गर्भगृह में दर्शन हो सके। मंदिर समिति सदस्यों से हुई चर्चा के बाद यह व्यवस्था गुरुवार से शुरू कर दी है। सीमित संख्या में दर्शनार्थी होने पर इसे रोज लागू किया जाएगा, जिस दिन दर्शनार्थियों की संख्या ज्यादा होगी, उस दिन बैरिकेड्स के बाहर से यानी गणेश, कार्तिकेय मंडपम् से दर्शन करवाए जाएंगे। संध्या आरती के बाद दर्शन करने वालों के चेहरे उस समय खिल उठे जब उन्हें पता चला कि गर्भगृह से दर्शन करने की राह भी आसान हो गई है। ...
सुहागिन महिलाओं ने किया वट सावित्री का पूजन
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सुहागिन महिलाओं ने किया वट सावित्री का पूजन

माटी की महिमा न्यूज/उज्जैन। आज ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा है। इस तिथि को वट सावित्री पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु, संतान प्राप्ति और सुख-सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखकर वट (बरगद) वृक्ष का पूजन कर रही है। वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास माना जाता हैं। इस वृक्ष की पूजा करने से सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का पुण्य फल मिलता है। मान्यता है कि वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत रखने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। बरगद के पेड़ की आयु सैकड़ों साल होती है।पंडितों के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि का आरंभ 13 जून, सोमवार, रात्रि 9.02 मिनट से हुआ है, जो 14 जून, मंगलवार, सायं 5.21 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के हिसाब से मंगलवार को वट सावित्री पूर्णिमा मनाई जाएगी। पूजन का शुभ मुहूर्त मंगलवार प्रात: 11 बजे से 12.15 के मध्य र...
आज से शुरू हुई चलित भस्म आरती, 5 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया
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आज से शुरू हुई चलित भस्म आरती, 5 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रात: होने वाली भस्म आरती में सोमवार सुबह बिना अनुमति नि:शुल्क चलायमान दर्शन व्यवस्था के तहत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। क्षण भर के दर्शन के बाद भी श्रद्धालुओं में उत्साह था। भक्तों ने कहा हम तो एक झलक दर्शन कर निहाल हो गए। श्री महाकालेश्वर मंदिर में कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर सोमवार से ऐसे दर्शनार्थी जो भस्म आरती अनुमति नहीं ले सके उनके लिए चलते हुए दर्शन कराने की व्यवस्था शुरू हुई। पहले दिन ही श्रद्धालुओं में बाबा महाकाल के भस्म आरती के दौरान दर्शन को लेकर उत्साह रहा।पहले दिन करीब 5 हजार श्रद्धालुओं को चलायमान व्यवस्था के तहत निशुल्क दर्शन करने का लाभ मिला। सुबह व्यवस्था के लिए मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल थे। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर प्रशासन द्वारा पूर्व से ही दर्शन व्यवस्था के लिए तैयारी कर ली थी।...
सूर्य के राशि परिवर्तन से मौसम में आया बदलाव
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सूर्य के राशि परिवर्तन से मौसम में आया बदलाव

उज्जैन। सनातन धर्म में सूर्य को देवता के रूप में पूजा जाने का विधान है। वही ज्योतिष में समस्त ग्रहो में से सूर्य को राजा की उपाधि प्राप्त है। सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत है। जो पृथ्वी से प्रत्यक्ष रूप से नजर आते हैं। सूर्यदेव का गोचर हर 30 दिनों में यानि हर महीने में होता है। परंतु सूर्य देव अकेले ऐसे ग्रह हैं जो कभी वक्री नहीं होते हिंदू धर्म में सूर्य के गोचर काल को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन से ही मौसम में बदलाव आया है।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य देव 15 जून बुधवार के दिन दोपहर 11.58 पर शुक्र की वृषभ राशि से निकलकर बुध की मिथुन राशि में विराजमान हो जाएंगे। इस सूर्य के परिवर्तन को मिथुन संक्रांति कहा जाएगा। सूर्य की मिथुन संक्रांति के दिन खास तौर से सूर्य देव की पूजा अर्चना किए जाने का महत्व है। मान्यता यह भी है। कि इस दिन से वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है। जिससे...
संतों ने किया महाकाल कॉरीडोर का अवलोकन
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संतों ने किया महाकाल कॉरीडोर का अवलोकन

उज्जैन। गंगा दशहरा पर नीलगंगा अखाड़े पर पर्व मनाने आए संतों ने आज महंत हरिगिरी के साथ महाकाल कॉरीडोर का अवलोकन किया। सुबह संत महाकाल मंदिर पहुंचे थे। जहां से उन्होंने कॉरीडोर का रूख किया और प्रथम चरण के पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों को देख सनातन संस्कृति और देवों-संतों की प्रतिमा देख प्रसन्नता व्यक्त की। गौरतलब है कि 700 करोड़ की लागत से महाकाल कॉरीडोर का बड़े पैमाने पर सौंदर्यीकरण किया जा रहा है जिसमें भगवान शिव, गणेश के साथ संतों और शिव बारात की प्रतिमाएं लगाई गई हैं। कॉरीडोर में कमल तालाब बनाया गया है जो आकर्षण का केन्द्र है। ...
चलायमान भस्म आरती में 4 नंबर गेट से मिलेगी एंट्री
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चलायमान भस्म आरती में 4 नंबर गेट से मिलेगी एंट्री

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार से भस्म आरती के दौरान चलायमान व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन सुविधा मिलेगी। मंदिर समिति की तैयारी को कलेक्टर आशीष सिंह ने अनुमति दे दी है। व्यवस्था में पहले अनुमति वाले श्रद्धालु प्रवेश करेंगे इसके बाद सामान्य दर्शनार्थी 4 नंबर गेट से अंदर जाएंगे।श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह होने वाली भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती के लिए सीमित संख्या में अनुमति जारी होती है। जिसके कारण सैकड़ों श्रद्धालु अनुमति नहीं ले पाते हैं। 2 दिन पहले हुई प्रबंध समिति की बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर आशीष सिंह ने वर्ष 2016 में कुंभ के दौरान की गई चलायमान व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को भस्म आरती के दौरान दर्शन कराने के लिए व्यवस्था करने को कहा था। श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा सोमवार से शुरू होना है। मंदिर के अधिकारियों ने व्यवस्था शुरू होने के पहले श्रद्धालुओं ...
बारिश के लिए महाकाल में पांच दिवसीय महारुद्राभिषेक होगा
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बारिश के लिए महाकाल में पांच दिवसीय महारुद्राभिषेक होगा

उज्जैन। महाकाल मंदिर में देश, प्रदेश व शहर में उत्तम वर्षा की कामना के लिए 22 से 26 जून तक महारुद्राभिषेक होगा। पांच दिनों तक दोपहर में मंदिर के मुख्य पुजारी के साथ ही 20 से अधिक पंडित नंदी हाल में बैठकर महारुद्राभिषेक का पाठ करेंगे। पंडितों के अनुसार यह अभिषेक आर्द्रा नक्षत्र में किया जाता है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा देश व प्रदेश और नगर में उत्तम वृष्टि की कामना के साथ पांच दिवसीय महारुद्राभिषेक का आयोजन कराएगी। इस अनुष्ठान में प्रतिदिन पंडित भगवान महाकाल के समक्ष पाठ के साथ महारुद्राभिषेक करेंगे। मान्यता है कि इससे प्रसन्न होकर भगवान महाकाल अच्छी बारिश होने का आशीर्वाद देते है।महाकाल मंदिर में इससे पहले वर्षा की कामना के साथ 24 घंटे का पर्जन्य अनुष्ठान मंदिर समिति द्वारा कराया जाता था। बीते दो वर्ष से कोरोना संक्रमण के कारण पर्जन्य अनुष्ठान नही हो सका। इस बार मंदिर सम...